बलौदा बाजार

मोहतरा में जल्द शुरू होग़ा गोधाम, घुमन्तु पशुओं के लिए 24 घण्टे विश्राम व चारे की व्यवस्था
21-Aug-2025 4:54 PM
मोहतरा में जल्द शुरू होग़ा गोधाम, घुमन्तु पशुओं के लिए 24 घण्टे विश्राम व चारे की व्यवस्था

पशुधन सुरक्षा, नस्ल सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 21 अगस्त। छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और पशुधन संरक्षण को नई दिशा देने के लिए गौधाम योजना की शुरुआत करने जा रही है। जिले के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत मोहतरा में गौधाम जल्द शुरू होग़ा। कलेक्टर दीपक सोनी ने बुधवार को मोहरा पहुंचे और गौधाम हेतु आवशयक निर्माण एवं संचालन व्यवस्था क़ा जायजा लिया। उन्होंने अधूरे कार्यो को 10 दिवस में पूरा करने तथा आपसी समन्वय से बेहतर संचालन के निर्देश दिये।

कलेक्टर ने गौधाम हेतु निर्मित पशु शेड, चारा कक्ष, चरागाह, सेग्रीगेशन शेड आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गौधाम शुरू होने से ग्रामीणों को कई तरह के फायदे होंगे। घुमन्तु पशुओं के लिए यहां 24 घण्टे विश्राम और चारा की व्यवस्था होगी। सडक़ पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं को यहां रखा जाएगा जिससे सडक़ दुर्घटना में कमी आएगी और फसल को नुकसान भी नहीं होगा। उन्होंने गौधाम के बेहतर संचालन के लिए पंचायत एवं ग्रामीणों को सहयोग करने तथा पशु प्रबंधन में बेहतर पंचायत बनाने कहा।उन्होंने समूह की महिलाओं को आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा कचरा संग्रहण कार्य कको सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होनेड्ढपशु प्रबंधन हेतु एक और शेड निर्माण करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिये।

बताया गया कि गौधाम योजना के तहत घुमन्तु पशुओं के प्रबंधन हेतु 20 लाख रुपये की लागत से शेड सह चारा क़क्ष निर्माण किया गया है। इस शेड में लगभग 100 पशु रह सकते हैं तथा चारा क़क्ष में 10 दिन के लिए चारा भण्डारण किया जा सकेगा। एक 200 पशुओं के प्रबंधन हेतु एक अतिरिक्त शेड और चाराक़क्ष की आवश्यकता होगी जिसका निर्माण शीघ्र होग़ा। पानी की व्यवस्था हेतु एक बोर कराया गया है जिसमें पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। गौधाम संचालन के लिए संचालक का चयन किया जा चुका है जिसका गौसेवा आयोग के साथ अनुबंध होग़ा।

गौधाम योजना का उद्देश्य गौवंशीय पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन करना, गौ-उत्पादों को बढ़ावा देना, चारा विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना, ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा फसलों के नुकसान और दुर्घटनाओं में पशु एवं जनहानि से बचाव सुनिश्चित करना है।घुमंतु पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ही यह योजना शुरू की जा रही है। प्रत्येक गौधाम में क्षमता के अनुसार अधिकतम 200 गौवंशीय पशु रखे जा सकेंगे।गौधाम योजना के तहत चरवाहों एवं गौ सेवकों को प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों के चारे के लिए प्रतिदिन निर्धारित राशि प्रदान की जाएगी।

इस दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल,उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. नरेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी,सरपंच, समूह की महिलाएं एवं ग्रामवासी मौजूद थे।


अन्य पोस्ट