बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 20 अगस्त। अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलीदाबाजार के निर्देशन में अमिता जायसवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार द्वारा बाल कल्याण समिति बलौदाबाजार का भ्रमण किया गया, जिसमें बाल कल्याण समिति के द्वारा संधारित किये जा रहे पंजी एवं उनके कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली गई। पीडि़त बालकों से संबंधित योजनाओं एवं विधि के विषय में बाल कल्याण समिति से चर्चा की गई।
मंगलवार को नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति केन्द्र बलौदाबाजार का भी भ्रमण किया गया। नशा मुक्ति केंद्र में 15 हितग्राही पाये गये, जिनसे नशा मुक्ति के संबंध में बातबीत की गई जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि वे किस प्रकार नशा के शिकार हुये थे।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा नशा मुक्ति केन्द्र के हितग्राहियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यप्रणाली के संबंध में बताया गया, साथ ही नशामुक्ति अभियान के बारे में बताया गया।
नशा मुक्ति के लाभ के संबंध में बताया गया कि नशा छोडऩे से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो सकते है, परिवार और दोस्तों के साथ रिस्ता मजबूत होगा, आर्थिक रूप से स्थिर होंगे। नशा छोडने से आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
नशे से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में भी बताया गया कि नशा शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाता है मानसिक तनाव एवं समाज व परिवार से दूर करता है। नशे का आदी होने के कारण बेरोजगारी बढ़ती है एवं अपराध की ओर व्यक्ति बढ़ जाता है व आर्थिक समस्याए भी आती है। नशा मुक्ति केन्द्र में 15 हितग्राही जो नशा से मुक्त होने के लिए उपचार प्राप्त कर रहे हैं, के द्वारा यह संकल्प लिया गया कि वह नशामुक्त होने के उपरांत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नशा मुक्ति अभियान के प्रचार प्रसार में पैरालीगल वालंटियर्स का सहयोग करेंगे और अन्य लोगों को भी नशामुक्त होने के लिए जागरूक करेंगे, जो एक सराहनीय पहल है।
जनसामान्य से यह अपील की गई है कि नशामुक्ति के लिये नशा मुक्ति केन्द्र और अस्पतालों से उपचार प्राप्त किया जा सकता है जिसके लिये परामर्शदाताओं और चिकित्सकों से सलाह ली जा सकती है। नशा मुक्त होने के पश्चात पुनर्वास कार्यक्रम में भाग ले सकते है। नशा मुक्ति एक चुनौतिपूर्ण प्रकिया है लेकिन सभी के सहयोग एवं जागरूकता से नशा मुक्ति अभियान में लोगो को जोडा जा सकता है, और अधिक से अधिक संख्या में लोगों को नशा मुक्त होने के लिये प्रेरित किया जा सकता है। नशा मुक्त समाज ही देश को एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा सकता है इसलिये हमें नशा से बचने और दूसरो को बचाने के लिये दृढसंकल्प होना होगा।


