बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 8 अगस्त। जिले में मानसून ब्रेक की स्थिति बन गई है, जिसके कारण बीते सप्ताह भर से बारिश थम गई हैं। मानसून द्रोणिका का पूर्वी छोड़ अब अरुणाचल प्रदेश की ओर खिसक गया है, जिससे वर्षा गतिविधियां ठप हो गई हैं। हालांकि स्थानीय प्रभावों के चलते कहीं-कहीं हल्की बौछारे देखने को मिल रही हैं।
तल्ख धूप के बीच बारिश होने से इन दिनों गर्मी ने भले ही थोड़ी राहत दी हो, लेकिन उमस ने लोगों को बुरी तरह से बेहाल कर रखा हैं। लोगों को न दिन में दिन को चैन है और न रात को सुकून। वे पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। खासकर बुजुर्ग और बच्चे इस मौसम में अधिक परेशान हैं।
जुलाई में पूरे महीने 18 दिन पानी गिरा लगभग 395 मिमी बारिश हुई जो औसत से 13 फीसदी अधिक रहा।
30 जुलाई के बाद 6 अगस्त तक सात 7 दिन में मात्र चार मिलीमीटर बारिश हुई हैं। बारिश पर विराम लगने के साथ ही लोग सुबह से ही वातावरण में चिपचिपाहट और भारीपन महसूस करने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 11 अगस्त तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। हालांकि 8 और 9 अगस्त की बारिश की संभावना जताई जा रही हैं।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी थॉमस ने बताया कि मौसम मानसून की द्रोणिका अमृतसर, पटियाला, मुजफ्फरनगर, खेरी, वाल्मीकि नगर से होकर गुजराती हुई पूर्व उत्तर पूर्व की ओर हिमालय की तलहटी के निकट अरुणाचल प्रदेश तक स्थित हैं। द्रोणिका का पूर्वी हिस्सा बंगाल की खाड़ी की बजाय हिमाचल की तराई में चली जाती है यह मानसून ब्रेक की स्थिति हैं।
इससे उत्तर पूर्व भारत खासकर आसपास आसाम व बिहार में जमकर बारिश होती हैं लेकिन मध्य भारत जहां छत्तीसगढ़ और हमारा दुर्ग जिला भी आता है वहां वर्षा की गतिविधियां कम हो जाती हैं। मानसून का सूखा तभी खत्म होगा, जब बंगाल की खाड़ी में कोई और सिस्टम बने।
बच्चों में वायरल बुजुर्गों में सांस की परेशानी बड़ी
मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव का असर बच्चों व बुजुर्गों की सेहत पर पड़ा हैं। बच्चे जहां सर्दी, खांसी, जुकाम की चपेट में आ रहे, वहीं बुजुर्गों को खास सांस की परेशानी हो रही हैं।
बच्चे सामान्य उपचार से स्वस्थ हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में मौसमी बीमारी के बच्चों की संख्या 25 फीसदी बढ़ गई हैं। सीएमएचओ डॉ. राजेश अवस्थी ने बताया कि कुल बच्चों में 25 से 30 फीसदी सर्दी, खांसी जुकाम, बुखार के मिल रहे हैं।


