बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 7 जुलाई। जिले का मुख्य जिला चिकित्सालय इन दिनों गंभीर चिकित्सकीय स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। नाक-कान-गला, सर्जरी और रेडियोलॉजी जैसी प्रमुख विशेषज्ञ सेवाओं के लिए कोई डॉक्टर पदस्थ नहीं है, जिससे रोजाना 15 से 20 मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। हर माह करीब 400 मरीज इस समस्या का सामना करते हैं और निजी अस्पतालों की शरण लेने को मजबूर हैं।
एनेस्थीसिया विभाग का कार्य भी दूसरी जगह पदस्थ एक प्रभारी डॉक्टर द्वारा चलाया जा रहा है। मनोरोग विशेषज्ञ संविदा पर कार्यरत हैं, लेकिन उनके भी इस्तीफे की अटकलें हैं, क्योंकि उनके पति डॉक्टर बनर्जी का स्थानांतरण हो चुका है। चिकित्सालय में कुल 176 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में 61 पद खाली हैं। पैथोलॉजी विभाग में भी तीन में से केवल एक विशेषज्ञ पदस्थ है, जिससे जांच प्रक्रिया में भारी विलंब हो रहा है और मरीजों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है।
स्थिति यह है कि कई आवश्यक सेवाएं ‘जीवनदीप समिति’ के माध्यम से संचालित हो रही हैं, जो अस्पताल की सेवा गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करती है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी आमजन की स्वास्थ्य सुविधा को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है, जिस पर शीघ्र ठोस पहल की आवश्यकता है।


