बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 21 जून। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन एवं अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के निर्देशन में अमिता जायसवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार द्वारा प्रत्येक बुधवार जेल समीक्षा की जाती है। जेल समीक्षा जेल की व्यवस्था, स्थिति, सुरक्षा, कैदियों की देखभाल और जेल प्रशासन की जांच शामिल है। अमिता जायसवाल ने बताया कि अभिरक्षाधीन बंदी विधिक सहायता एवं अधिवक्ता से वंचित ना हो, इसलिए प्रत्येक बुधवार जेल समीक्षा की जाती है।
जेल समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जेल के नियम और कानून का पालन किया जा रहा है जैसे कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके साथ उचित व्यवहार किया जा रहा है कि नहीं, कैदियों की देखभाल का मूल्यांकन करना कि उन्हें ठीक से भोजन, पानी, चिकित्सा सुविधा दी जा रही है या नहीं। जेल प्रशासन को यह भी सुझाव देना जेल की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये क्या किया जा सकता है।
जेल समीक्षा में बंदियों की समस्याओं को सुना जाता है और उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाता है साथ ही समय-समय पर जेल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जाता है जिसमें बंदियों को उनके जमानत के अधिकार और प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी जाती है साथ ही प्ली-बारगेनिंग के प्रावधानों की जानकारी प्रदान की जाती है जिसके माध्यम से वे अपने प्रकरण का निराकरण कर सकते है। बंदियों को यह भी बताया जाता है कि विधिक सहायता से लीगल एड डिफेंस कौंसिल से अधिवक्ता उन्हें प्रदान किया जाता है। लीगल एड डिफेंस कौसिल के अधिवक्ता गुणवक्ता से उनके प्रकरण की पैरवी करते है इसकी जानकारी दी जाती है। जेल में बंदियों को विधिक सहायता देने के लिये जेल एक पैनल अधिवक्ता, एक पैरालीगल वालंटियर की नियुक्ति की गई है। लीगल एड डिफेंस के कौंसिल समय-समय पर जेल का भ्रमण कर बंदियों से मुलाकात कर उनके प्रकरणों की जानकारी उन्हें प्रदान करते है साथ ही उनके परिवार से संपर्क कर प्रकरणों की जानकारी प्रदान की जाती है।
जेल समीक्षा से बंदियों को नि: शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त हो रहा है।


