बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 15 जून। शासन द्वारा जून से अगस्त तक 3 महीने का राशन एक साथ वितरित करने का निर्णय हितग्राहियों और विक्रेताओं दोनों के लिए भारी सिरदर्द बनता जा रहा हैं। जिले की 570 उचित मूल्य दुकानों में सुबह से लेकर शाम तक लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
हर हितग्राही को चावल पानी के लिए औसतन आधे घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। तीन माह का राशन एक साथ देना भले ही हितग्राहियों की सहूलियत के लिए शुरू किया गया हो लेकिन मौजूदा ओटीपी आधारित सिस्टम इस बोझ बन रहा।
तीन माह का राशन एक साथ मिलने के कारण प्रत्येक हितग्राही को तीन बार फिंगरप्रिंट देना पड़ रहा हैं। क्योंकि राज्य और केंद्र सरकार के लिए ओटीपी की प्रक्रिया अलग-अलग होती है इसलिए हर महीने के लिए दो ओटीपी यानी कुल 6 ओटीपी की जरूरत पड़ रही हैं। इस तकनीकी प्रक्रिया में खासा वक्त लग रहा है।
जिन हितग्राहियों के मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है उन्हें बार-बार दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बलौदाबाजार जिले के कुल 379460 राशन कार्ड धारी हैं। इनमें 50225 अंत्योदय 7668 निराश्रित 298071 प्राथमिकता 736 दिव्यांग और 28763 एपीएल कार्ड धारी शामिल हैं। 3 माह के राशन वितरण के 14 दिन बाद भी केवल 38.96 प्रतिशत हितग्राहियों को ही राशन मिल पाया हैं। शासन ने 30 जून तक वितरण पूरा करने का लक्ष्य रखा है लेकिन मौजूदा रफ्तार को देखकर यह लक्ष्य मुश्किल नजर आ रहा है।
राशन दुकानों में सुबह से पहुंचे लोगों को हालत लोगों की हालत बयां करती है की व्यवस्था कितनी जटिल हो चुकी हैं। ग्राम लटुवा के रामलाल निषाद बताते हैं कि वह सुबह 6 बजे से लाइन में लगे हैं लेकिन दोपहर 11 बजे तक भी राशन नहीं मिला। मजदूर सोनू साहू बताते हैं कि वह लगातार तीन दिन से मजदूरी छोडक़र राशन लेने आ रहे हैं तब जाकर उन्हें आज राशन मिला। भूतेश्वरी बाई वर्मा, सोमनाथ धृतलहरे और मानकी फेकर जैसे कई हितग्राही हैं जो दो-दो दिन से दुकानों के चक्कर काट रहे हैं।
ओटीपी और सॉफ्टवेयर की समस्या बनी बाधा
सेल्समैन बताते हैं कि तकनीकी गड़बडिय़ों और ओटीपी प्रकिया की जटिलता के कारण वितरण की गति बेहद धीमी हो गई हैं। पहले जहां एक दिन में 70 से 80 हितग्राहियों को राशन मिल जाता था अब मुश्किल से 20 से 25 को ही दिया जा पा रहा हैं। इससे न केवल हितग्राही त्रस्त हैं बल्कि विक्रेता और सहकारी समिति के कर्मचारी भी तनाव में हैं। वितरण व्यवस्था में थोड़े से सुधार से यह पूरा तंत्र सुचारू रूप से चल सकता है।
समय पर ओटीपी नहीं मिलता -खाद्य अधिकारी
जिला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने स्वीकार किया कि तीन माह का राशन वितरण आसान नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कई हितग्राहियों के मोबाइल उनके परिजनों के पास है जिस समय पर ओटीपी नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि जिले की अधिकतर दुकानों की पास मशीनें अपडेट कर दी गई है बाकी 17 दुकानों में सोमवार को अपडेट पूरा कर लिया जाएगा।


