बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 4 मई। महिला सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही महतारी सदन योजना की जमीनी हकीकत सरकार की मंशा को ठेंगा दिखा रही है। जिला मुख्यालय से कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत सोनाडीह में इस योजना के तहत निर्माणाधीन सदन एक साल बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है।
वर्ष 2023-24 में इस कार्य के लिए जिला खनिज न्यास निधि से 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। कार्य की शुरुआत 12 मार्च 2024 को तय की गई थी, जिसकी जिम्मेदारी तत्कालीन सरपंच प्रिया बिसौहा सारधी को सौंपी गई थी। तकनीकी निरीक्षण की जिम्मेदारी उपअभियंता डी. पी. साहू को दी गई थी। लेकिन आज तक भवन की केवल अधूरी दीवारें ही खड़ी हो पाई हैं।
छत नहीं ढली है, न ही आंतरिक कार्यों की कोई शुरुआत हुई है। इस अधूरे निर्माण कार्य ने ग्रामवासियों और महिला समूहों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ग्राम की महिलाओं का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि महतारी सदन के जरिए वे प्रशिक्षण, बैठक और अन्य सामाजिक कार्यों के लिए एक स्थायी स्थान पा सकेंगी। लेकिन निर्माण कार्य की सुस्तगति और अधिकारियों की उदासीनता से निराशा हाथ लगी है।
स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही, समयसीमा की अनदेखी और जवाबदेही की कमी को लेकर ‘छत्तीसगढ़’ के माध्यम से जिला प्रशासन से शिकायत की है।


