बलौदा बाजार

छुईया डैम की पिचिंग जर्जर, पानी रिसते रहने से गर्मी आते ही सूख जाता है
17-Apr-2025 3:46 PM
छुईया डैम की पिचिंग जर्जर, पानी रिसते रहने से गर्मी आते ही सूख जाता है

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 17 अप्रैल।
शहर में पानी का अहम सोर्स छुईया डैम की हालत खराब हैं। साल के 8 महीने अगर यह भरा हो तो आठों महीने रिसता हैं। वजह ब्रिटिश काल में बनाए गए इस डैम की पिचिंग लगभग बर्बाद हैं। इसी से थोड़ा-थोड़ा पानी रिसता रहता हैं। 

नतीजा गर्मी आते तक पूरा डैम ही सूख जाता हैं। इस साल भी वही हालत हैं। ये डैम जल संसाधन विभाग के अफसर की लापरवाही की भेंट चढ़ता जा रहा हैं। डैम के कैचमेंट एरिया में बड़ी संख्या में अतिक्रमण जलाशय में गाद के जमाने से इसके उथला होने के चलते वर्तमान में विशाल जलाशय में निस्तार लायक पानी भी नहीं बचा हैं। अफसरों की लापरवाही का आलम है कि डैम समेत इलाके के दर्जनों गांवों तक पानी पहुंचाने वाली बीबीसी कैनाल में जगह-जगह कचरा का ढेर इक_ा हैं।

नहर के किनारे भी कई जगहों पर कट हैं। इससे नहरे में पानी छोड़े जाने वाले पानी के व्यर्थ बहने की आशंका हैं। गौरतलब है कि शहर में गर्मी के दिनों मे निस्तारी के लिए जल संकट उत्पन्न होने पर पहले बलौदाबाजार शाखा नहर के जरिए छुईया डैम को भर जाता है फिर छुईया माइनर कैनाल के जरिए शहर के प्रमुख धोबी तालाब, पिपराहा, देवरहा, सोलहा तालाब में पानी भरा जाता हैं। 

गाद से डैम की सफाई ज्यादा जरूरी 
छुईया डैम की विशालता का अनुमान इसी से लगाया लगा  लगाइए कि इसके पार की लंबाई 163 मीटर हैं। पहले आसपास के करीब 5-6 गांव की तरफ से बारिश का पानी बहकर डैम में इक_ा होता था। गहराई अच्छी खासी होने से हमेशा पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता था। अब कैचमेंट एरिया की जगह-जगह अवैध कब्जे होने से बारिश के पानी का प्रवाह टैंक तक निर्बाध रूप से नहीं हो पा रहा। डैम की वाल की पिचिंग भी जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं। इस वजह से साल भर पानी का रिसाव होता हैं। यही कारण है कि डैम की जल संग्रहण क्षमता कम हो गई हैं। इन तथ्यों की भली भांति जानकारी होने के बाद भी सिंचाई विभाग के अफसर कैचमेंट एरिया में हुए कब्जे को हटाने की पहल नहीं कर रहे। सालों से टैंक की सफाई पर भी घोर उदासीनता बरती गई हैं।

पालिका अध्यक्ष ने उठाई गहरीकरण की मांग 
भूमिगत जल स्रोत को सूखने से शहर के वार्डों में गर्मी के दौरान पेयजल की भारी समस्या हैं। ऐसे में नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने छुईया डैम में गहरीकरण की मांग की हैं। उनके मुताबिक छुईया डैम की गहराई कम होने से यहां पानी नहीं रुकता इससे गर्मी में पूरे इलाके का ग्राउंडवाटर लेवल तेजी से गिर रहा है शहर के तालाब तेजी से सुख रहे हैं। आसपास के गांव का जलस्तर भी नीचे जा रहा हैं। बेहतर वाटर सप्लाई के लिए छुईया डैम की मरम्मत कर इलाके के ग्राउंडवाटर लेवल को दुरुस्त करने की दरकार है सौंदर्यकरण की भी जरूरत हैं। नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने इस बारे में कलेक्टर दीपक सोनी को पत्र लिखा है उन्होंने कहा कि डैम के सौंदरीकरण से शहर को एक बेहतर पर्यटन क्षेत्र मिलेगा। इसकी दूरी शहर से महज 3 किलोमीटर हैं। 

 

 

बीबीसी कैनाल की मरम्मत पर भी नहीं दे रहे ध्यान
गंगरेल डैम से पानी छोड़ा गया गंगरेल डैम से छोड़ा गया पानी बीबीसी कैनाल के जरिए छुईया डैम तक पहुंचता हैं। फिलहाल केनाल की सफाई होने से पूरी तरह ही गंदगी से अट गई हैं। वहीं कुछ जगहों पर कैनाल के पार का कटाव भी बढ़ गया हैं। अगर नहर की सफाई और मरम्मत का काम जल्द ना करवाया गया तो नहर के जरिए सही जगह पर सप्लाई से पहले ही पानी इधर-उधर बह जाएगा। इसके अलावा कचरा जमा होने से नहर के पानी का प्रभाव भी बाधित होगा। 

जनहित में नहर की मरम्मत और सफाई की मांग पहले जल उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष और पूर्व पार्षद लक्ष्मी साहू ने की हैं।


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