बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार-भाटापारा, 14 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के भाटापारा विकास खण्ड के जोगी द्वीप में गोंडवाना समाज ने 54 जोड़ों का सामूहिक विवाह पारंपरिक बैलगाडिय़ों में बारात निकालने के साथ संपन्न कराया। इस आयोजन ने पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का संदेश दिया जाएगा।
बैलगाडिय़ों में इस तरह से बारात निकली, जोगी द्वीप में 54 आदिवासी जोड़ों की शादी हुई। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र स्थित शहीद ग्राम गुर्रा के जोगी द्वीप में रविवार को एक ऐसा विवाह समारोह आयोजित हुआ, जो आधुनिकता की दौड़ में कहीं छूटती जा रही परंपरा और प्रकृति से प्रेम का जीवंत उदाहरण बन गया। गोंडवाना आदिवासी समाज द्वारा आयोजित इस सामूहिक विवाह में 54 जोड़ों ने बैलगाडिय़ों में सवार होकर पारंपरिक बारात निकाली और प्रकृति के सान्निध्य में फेरे लिए।
बैलगाडिय़ों में बारात निकली ग्राम अर्जुनी से प्रारंभ होकर खमरिया होते हुए जोगी द्वीप पहुंची। सभी बाराती पारंपरिक आदिवासी परिधान में सजे थे और वर पक्ष बैलगाडिय़ों में सवार होकर विवाह स्थल तक पहुंचा। यह दृश्य ना सिर्फ सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बना, बल्कि डीजल-पेट्रोल मुक्त, पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा देने वाला था। आयोजन का उद्देश्य स्पष्ट था। प्रकृति की रक्षा, सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण और सामाजिक एकता को मजबूत करना।
बैलगाडिय़ों में बारात को निकली तो सांसद ने सराहा, विकास का दिया भरोसा
कार्यक्रम में पहुंचे रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि गोंडवाना समाज प्रकृति का पूजक है और इस तरह का आयोजन समाज के लिए एक आदर्श है। बैलगाडिय़ों में बारात निकली जो समाज के प्रकृति प्रेमी होने का उदाहरण है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछली बार समाज द्वारा की गई सडक़ निर्माण की मांग को सरकार ने बजट में शामिल कर लिया है और अब नई सडक़ की मांग पर भी शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। सांसद ने मुख्यमंत्री कन्या दान योजना के अंतर्गत हो रहे विवाह समारोह को सामाजिक बदलाव की दिशा में प्रभावशाली कदम बताया।
गोंडवाना समाज टोनाटार के अध्यक्ष दौलत कुंजाम ने बताया कि सामूहिक विवाह का उद्देश्य अनावश्यक खर्चों को रोकना और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩा है। उन्होंने बताया कि सभी जोड़ों को मुख्यमंत्री कन्या दान योजना सहित शासकीय योजनाओं का लाभ भी दिया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला। बैलगाडिय़ों में बारात निकली, जो अपनी संस्कृति और प्रकृति प्रेम को जाहिर किया।
प्रशासन और समाज की भागीदारी से सफल हुआ आयोजन
बैलगाडिय़ों में बारात निकली तो आयोजन में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी टीकवेंद्र जाटवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। साथ ही विभिन्न जिलों से आए समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। टीकवेंद्र जाटवर ने सामूहिक विवाह को सामाजिक समरसता, पर्यावरण जागरूकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में एक सशक्त प्रयास बताया।
गोंडवाना समाज प्रकृति का पुजारी
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि गोंडवाना समाज प्रकृति का पुजारी है। बैलगाडिय़ों में बारात निकली जिससे एक बार फिर साबित कर दिया कि वह समाज को नई दिशा देने के लिए सराहनीय पहल कर रहा है। अपने पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण और वाद्य यंत्रों के साथ बारात निकालकर दूसरे समाज को मार्गदर्शन दिया है। कम खर्च में विवाह कैसे संपन्न कराया जा सकता है यह सामूहिक विवाह समारोह की सफलता है।


