बलौदा बाजार

महानदी पर अवैध रेत खनन
13-Apr-2025 2:56 PM
महानदी पर अवैध रेत खनन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 13 अप्रैल।
जीवनदायनी कहीं जाने वाली महानदी आज खुद प्यासी हैं। जब ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता सुबह-सुबह अमेठी एनीकट स्थल पर पहुंचा तो करीब दो दर्जन ट्रैक्टर रेत भरने में लगे हुए थे और दर्जनों लोग अवैध रेत उत्खनन में व्यस्त थे।

संवाददाता को देखते ही खाली ट्रैक्टरों के ड्राइवर नदी से ट्रैक्टर लेकर भाग निकले जबकि रेत भरने वाले मजदूर भी वहां से रफू चक्कर हो गए हालांकि तीन ट्रैक्टर नदी में फंस गए जो न तो निकाल पाए और न ही भाग पाए।

यहां रेत माफियाओं ने एक अनूठा तरीका अपनाया है लोग सामूहिक रूप से रेत एकत्र करते हैं और उसे बेचते हैं। चंूकि यह सामूहिक गतिविधि हैं इसीलिए इसकी शिकायत नहीं होती अगर कोई शिकायत कर भी दे तो उसकी खैर नहीं होती गांव वाले सुबह शाम नदी से रेट एकत्र कर ढेर लगाते हैं और फिर उसे 500 प्रति ट्रिप के हिसाब से ट्रैक्टरों को बेंच देते हैं बिना किसी रॉयल्टी या पिट पास के हैं।

माफियाओं के कारण सूखी महानदी 
रेत माफियाओं के अवैध खनन और परिवहन में महानदी को पूरी तरह सुखा दिया हैं। अमेठी एनीकट के आसपास महानदी में रोज रेत के जगह-जगह ढेर लगाकर माफियाओं द्वारा ट्रैक्टरों में भरकर बेचा जा रहा हैं। रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर रेत निकाल रहे हैं। जिस एनीकट से लोगों की प्यास बुझती थी, आज वहीं से माफिया रेत बेचकर अपनी जेब भर रहे हैं। 

नदी इतनी सूख गई है कि अमेठी एनीकट में अगर कोई पक्षी भी प्यास बुझाने पानी ढूंढे तो उसे भी पानी नहीं मिलेगा। महानदी के सूखने से आसपास के गांव में पानी का भारी संकट पैदा हो गया हैं। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और माफियाओं के साथ मिली भगत के कारण यह समस्या दिन प्रतिदिन विकराल होती जा रही है।

15 साल पहले 13 करोड़ में बनी थी 
ज्ञात हो कि करीब 15 साल पहले 13 करोड़ में बने इस एनीकेट में गर्मियों के दिनों मे लबालब पानी भरा रहता था धीरे-धीरे रेत माफियाओं की नजर इस पर पड़ गई जब एनीकट में पानी भरा रहता था तो काफी दूर तक नदी में पानी रहता था। इससे महानदी के चरोदा, बमहनी, दतरेंगी, मोहन और मालपुरी जैसे रेत घाटों में पानी भरा रहता था। जिससे माफियाओं को चैन माउंटेन मशीनों से रेत खनन में दिक्कत होती थी जिसके चलते माफियाओं ने एक  सुनियोजित तरीके से एनीकट को नष्ट करने का काम शुरू किया। पहले तो वे एनीकट के दरवाजे खोलकर पानी बहने लगे। 

9 साल से पाइपलाइन का काम चल रहा 
वही ग्राम पलारी में अमेठी एनीकट से जल आपूर्ति की योजना बनी हैं। जिसके तहत पिछले 9 साल से पाइपलाइन का काम चल रहा हैं। जिससे नगर में पानी आना हैं। मगर  एनीकट ही सूखा है। ऐसे में जो नदी अपनी खुद की प्यास नहीं बुझा पा रही वह भला नगर को कैसे पानी सप्लाई करेगी। 

अवैध रेत खनन की जानकारी नहीं - अफसर
वही इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी कुंदन बंजारे ने कहा कि चूकि अमेठी में एनीकट है तो वहां पर रेत घाट होने का सवाल ही नहीं उठाता और वहां पर अवैध रेत खनन की जानकारी नहीं हैं। अगर ऐसा कोई मामला है तो दिखवाते हैं।


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