बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 4 अप्रैल। कलेक्ट्रेट आगजनी हिंसा मामले में अदालत में सुनवाई हुई। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव समेत 7 अन्य पर दशहरा मैदान में उपस्थित होकर आगजनी कांड में उपस्थित लोगों को भडक़ाने का आरोप लगा है। इस आरोप को कोर्ट में आरोपियों ने अस्वीकार कर दिया। अब अभियोजन साक्ष्य की अगली पेशी होगी।
ज्ञात हो कि 10 जून को जैतखाम में तोडफ़ोड़ मामले को लेकर सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान बलौदाबाजार में हिंसा भडक़ी थी। इस दौरान संयुक्त जिला कार्यालय भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, तहसील कार्यालय सहित अन्य जगहों पर तोडफ़ोड़, आगजनी की घटनाएं हुई थी। इस पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत 13 एफआईआर दर्ज की है. इनमें से अपराध क्रमांक 386/2024 के मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव समेत 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है, जिस पर आज सुनवाई के दौरान अभियोग की कार्रवाई की गई।
पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित -देवेंद्र यादव
जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायालय में पेश होने के बाद बाहर निकले विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है। न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। प्रदेश में आगे कांग्रेस की सरकार बन रही है, हमारी सरकार बनने पर इस केस को खत्म कर दिया जाएगा।
शासन की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मुकुंद देशपांडे ने बताया कि अभियोग के बाद अब गवाही की कार्यवाही होगी।
वहीं आरोपियों के अधिवक्ता अनादि शंकर मिश्रा ने बताया कि कलेक्ट्रेट जलाने के मामले में अदालत ने अभियोग पत्र जारी किया है, जिस पर आगामी सुनवाई में अब गवाही होगी।


