बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 26 मार्च। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस जिले भर के जिला अस्पताल,सी एच सी ,पी एच सी,आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मनाया गया। इस अवसर पर रंगोली, आम जनता एवं चिकित्सा स्टाफ द्वारा टीबी मुक्त भारत बनाने की शपथ ,नर्सिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक सहित जिले में संक्रमण की पहचान के लिए सीवाई टीबी विधि से जाँच का भी शुभारंभ किया गया । आये हुए मरीजों की काउन्सिलिंग सत्र आयोजित कर उन्हें दवाई खाने,जरूरी सावधानियां रखना बताया गया साथ ही मरीजों को जिला रेडक्रॉस समिति के माध्यम से पोषण आहार भी वितरित हुआ ।
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी क्षय रोग डॉ राजेश कुमार अवस्थी के अनुसार टीबी एक संक्रामक रोग है जिसके बैक्टेरिया हवा के माध्यम से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करते हैं तथा अनुकूल अवसर मिलने पर रोग प्रकट हो सकता है। अस्सी प्रतिशत केसों में यह शरीर के फेफड़ों को प्रभावित करता है जबकि शेष बीस प्रतिशत में यह शरीर के अन्य किसी अंग जैसे हड्डी ,आँतों, ह्रदय, आंख, मस्तिष्क ,गर्भाशय आदि में भी हो सकता है। फेफड़े में टीबी होने पर लंबे समय तक खांसी, बलगम आना ,शाम को पसीने के साथ हल्का बुखार,वजन में कमी,भूख न लगना ये कुछ लक्षण दिखाई पड़ते हैं जबकि अन्य अंगों में टीबी के लक्षण अलग अलग हो सकते हैं । ऐसे व्यक्ति जो ध्रूमपान ,शराब का सेवन करते हैं, शुगर ,बीपी ,एच आई वी से ग्रसित हैं एवं जो कुपोषित हैं वह टीबी रोग के संक्रमण के दायरे में रहते हैं इसके अतिरिक्त यदि परिवार में भी किसी को टीबी हो जाए तो घर के सदस्यों को भी यह खतरा बना रहता है ।


