बलौदा बाजार
बगावत कर चुनाव जीती आकांक्षा अध्यक्ष-पवन उपाध्यक्ष, विरोध
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 9 मार्च। जिला पंचायत बलौदा बाजार के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भारतीय जनता पार्टी ने अपना कब्जा जमा लिया है। कांग्रेस में दो सदस्य रहने के चलते उनका कोई भी प्रतिद्वंदी मैदान में नहीं उतर सका। इससे भाजपा समर्थित प्रत्याशी आकांक्षा गोलू जायसवाल को निर्विरोध अध्यक्ष तो वहीं पवन वर्मा को उपाध्यक्ष घोषित कर दिया गया। हालांकि दोनों पदों पर पार्टी के प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। इनके नामों की घोषणा के बाद पार्टी के अंदर ही विरोध हो गया।
कार्यकर्ताओं ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और पार्टी कार्यालय में जोरदार हंगामा किया। नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की और उन पर उन पर गंभीर आरोप लगाए।
दरअसल, बीजेपी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आकांक्षा गोलू जायसवाल को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था।
यह घोषणा कई कार्यकर्ताओं को नागवार गुजारी, क्योंकि आकांक्षा जायसवाल ने हाल ही में हुए चुनाव में पार्टी विरोधी बाकी उम्मीदवार के रूप में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने जीत हासिल की। अब जब पार्टी ने उन्हें ही अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया तो पार्टी के अन्य दावेदार समर्थक भडक़ उठे।
विजयी प्रत्याशियों को कमरे में किया बंद
इस पूरे विवाद के बीच आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने जिला पंचायत के सभी जीते हुए सदस्यों को पार्टी कार्यालय बुलाकर एक कमरे में बंद कर दिया। यहां तक की कांग्रेस की क्षेत्र क्रमांक 18 से विजयी प्रत्याशी सुनीता विमल देवांगन को भी कमरे में बंद कर दिया गया।
समझाने के बाद भी नहीं मानी थी आकांक्षा
बीजेपी ने चुनाव के दौरान क्षेत्र क्रमांक 8 से चंद्रिका दिनेश साहू को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व में आकांक्षा जायसवाल को समझाने और उन्हें चुनाव न लडऩे के लिए मनाने की पूरी कोशिश भी की थी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना दावेदारी ठोकी और जीत भी गई।
अब जब पार्टी ने आकांक्षा जायसवाल को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अधिकृत उम्मीदवार बना दिया। कई कार्यकर्ताओं जो जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अन्य दावेदारों का समर्थन कर रहे थे, ने उसे गुटबाजी और बड़े नेताओं की मिलीभगत कर देते हुए पार्टी कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। कई सवाल उठाए।
हंगामा करने वाले कांग्रेस समर्थक थे
इस पूरे विवाद पर भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद यादव ने सफाई देते हुए कहा कि जो लोग हंगामा कर रहे थे वे असामाजिक तत्व और कांग्रेस समर्थक थे। किसी को भी कमरे में बंद नहीं किया गया था। जिसका नाम अधिकृत प्रत्याशी के रूप में घोषित किया गया है वे पार्टी से जुड़े रहे हैं। पार्टी में कई दावेदार होते हैं।


