बलौदा बाजार

अश्लील वीडियो बनाने और पुलिस केस में फंसाने की धमकी दे लाखों वसूले, एक आरोपी बंदी
06-Mar-2025 6:54 PM
अश्लील वीडियो बनाने और पुलिस केस में फंसाने की धमकी दे लाखों  वसूले, एक आरोपी बंदी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 6 मार्च। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। व्हाट्सएप कॉल के जरिए अश्लील वीडियो बनाने और पुलिस केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलने वाले एक आरोपी की मामले में गिरफ्तारी हुई है।

प्रकरण में पीडि़त ने थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि दिनांक 16.01.2025 की रात 9 बजे उसके मोबाइल पर एक अज्ञात लडक़ी का व्हाट्सएप कॉल आया। लडक़ी ने पीडि़त को झांसे में लेते हुए आरोप लगाया कि उसने उसके साथ अश्लील हरकत की है और उसका वीडियो उसके पास मौजूद है। इसके तुरंत बाद दो अन्य व्यक्तियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कॉल किया और कहा कि उसके खिलाफ केस दर्ज है. यदि वो इस मामले को सुलझाना चाहता है तो उसे तुरंत पैसे देने होंगे। डर और दबाव में आकर पीडि़त ने आरोपियों को 6 लाख 83 हजार की राशि ट्रांसफर कर दी. जब उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और साइबर सेल की मदद से बैंक खातों की ट्रांजैक्शन डिटेल्स खंगाली. जांच के दौरान यह पता चला कि ठगी की राशि को अलग-अलग बैंकों में ट्रांसफर करके निकाला गया है. पुलिस टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन को ट्रैक करते हुए आरोपी अजय मंडल निवासी पूर्णिया बिहार को हिरासत में लिया। आरोपी से पूछताछ करने पर एक बड़े ऑनलाइन ठगी रैकेट का पर्दाफाश हुआ।

जांच में पता चला कि आरोपी अजय मंडल और उसका साथी शशि कुमार उर्फ आर्यन, ऑनलाइन बैंक खाते खुलवाने का काम करते थे.दोनों मिलकर केनरा बैंक, बंधन बैंक, आईडीबीआई बैंक और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में ऑनलाइन खाते खोलते और इनका उपयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए करते थे. अनजान नंबर से व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल कर उसे अश्लील बातचीत में उलझाया जाता था। वीडियो कॉल के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डिंग करके उसका अश्लील वीडियो बना लिया जाता.इसके बाद पुलिस केस में फंसाने या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती. फिर वसूली गई रकम को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता। खाता धारकों को लालच देकर 5000 प्रति खाता दिया जाता था।

मुख्य आरोपी फरार

जांच के दौरान पता चला कि मुख्य आरोपी शशि कुमार अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसे एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क के रूप में संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने नागरिकों को सचेत किया है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाले व्हाट्सएप वीडियो कॉल्स से सावधान रहें और किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग या ठगी का शिकार होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।


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