बलौदा बाजार

कुकुरदी के ग्रामीणों का चुनाव बहिष्कार की घोषणा
21-Feb-2025 2:30 PM
कुकुरदी के ग्रामीणों का चुनाव बहिष्कार की घोषणा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 21 फरवरी।
रविवार 23 फरवरी को बलौदाबाजार विकासखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं। लेकिन ग्राम पंचायत कुकुरदी के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की घोषणा की है। इसका कारण ग्राम पंचायत कुकुरदी में सांवरा बस्ती के समावेश को बताया जा रहा है। यह विवाद 2013 से चला आ रहा है। जब बलौदाबाजार की बंजर भूमि पर बसाई गई सांवरा बस्ती को कुकुरदी में शामिल किया गया है। ग्रामीण इस फैसले से नाखुश हैं और इसके खिलाफ विरोध जता रहे हैं। 

सांवरा बस्ती को पहले बलौदाबाजार के वार्ड नंबर 2 में रखा गया था, जहां के निवासी इस बस्ती से मतदान करते थे और वहां से ही उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं मिलती थी, लेकिन अब, प्रशासन ने इसे ग्राम पंचायत कुकुरदी में शामिल करने का निर्णय लिया है। इससे कुकुरदी के ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है, क्योंकि उनका कहना है कि यह निर्णय बिना उनकी सहमति के लिया गया है। 

कुकुरदी के ग्रामीण इस निर्णय के खिलाफ हैं और उन्होंने एकमत होकर पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन सांवरा बस्ती को कुकुरदी में नहीं समेटता, तो वे जनपद और जिला पंचायत चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे।

सरपंच संतोष ध्रुव ने कहा कि हम 2013 से इस बस्ती को कुकुरदी में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे हैं। पहले पूर्व कलेक्टर ने इस बस्ती को बलौदाबाजार का ही निवासी माना था और यहां से मतदान किया जाता था, लेकिन अब यह अचानक कुकुरदी में समाहित कर दी गई है, जो हमें स्वीकार्य नहीं है। 

इसी बीच सांवरा बस्ती से एक महिला ने पंच पद के लिए नामांकन दाखिल किया था, जिसमें वो निर्विरोध पंच निर्वाचित हो गई हैं. यह घटना पंचायत चुनाव के दौरान और भी विवाद को जन्म दे सकती है, क्योंकि अब ये सवाल उठ रहा है कि क्या इस नई स्थिति के बाद कुकुरदी ग्राम पंचायत की सरकार बनाने का अधिकार सिर्फ सांवरा बस्ती की महिला को ही मिलेगा या फिर ग्रामीणों के विरोध के बाद चुनाव की प्रक्रिया में कोई बदलाव होगा।

कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन 
ग्राम पंचायत कुकुरदी के ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने अपनी आपत्ति जाहिर की और सांवरा बस्ती को कुकुरदी से बाहर रखने की मांग की.लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों, जैसे बलौदाबाजार एसडीएम अमित गुप्ता और चुनाव अधिकारी तहसीलदार राजल पटेल से जब इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया, अब ये देखना होगा कि राज्य चुनाव आयोग इस स्थिति को लेकर क्या फैसला लेता है, वहीं ग्राम पंचायत कुकुरदी के ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे और जल्द से जल्द इस विवाद का समाधान निकाले ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार का और विवाद उत्पन्न ना हो। 


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