बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 13 फरवरी। बलौदाबाजार हिंसा मामले में पुलिस ने कोर्ट में 6970 पेज का चालान पेश किया है। इस चालान में पूरी घटना का विवरण आरोपियों की भूमिका और उनमें जुड़े सबूत को संकलित किया गया है।
पुलिस ने यह दावा किया कि इस हिंसा की पूर्व योजना बनाई थी और इसे एक साजिश के तहत अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा प्रस्तुत चालान के अनुसार विधायक देवेंद्र यादव को इस हिंसा की जानकारी पहले से थी। दस्तावेजों में उल्लेख है कि विधायक यादव ने प्रदर्शनकारियों से कई बार बातचीत की थी और उग्र आंदोलन के लिए आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया था। इस मामले में अब तक 179 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें विधायक यादव भी शामिल है जो अभी भी जेल में बंद है।
उपद्रवियों ने की थी तोडफ़ोड़ और आगजनी
प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने गार्डन चौक चक्रपाणि स्कूल चौराहा संयुक्त जिला कार्यालय और अन्य सरकारी परिसरों में तोडफ़ोड़ की। इसके अलावा उन्होंने सरकारी वाहनों निजी वाहनों फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों में आग लगा दी। एसपी और कलेक्टर ऑफिस को भी उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन कार्यों में पुलिस और सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमला किया। घटनास्थल पर कई उपद्रवी पेट्रोल पंप लेकर पहुंचे थे जिससे हिंसा और आगजनी को अंजाम दिया गया।
जांच और गवाहों के बयान
आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाना के लिए जांच अधिकारियों ने 30 से अधिक पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें डीएसपी निरीक्षक सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल रैंक के अधिकारी शामिल हैं।
हिंसा में करोड़ों का नुकसान
चालान रिपोर्ट के मुताबिक इस हिंसा में 2.52 करोड रुपए की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है। वाहन निजी वाहन और सरकारी इमारत को जलाने से निजी और सरकारी संपत्ति को मिलाकर 12 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
डीएसपी की शिकायत से शुरू हुई एफआईआर
बलौदाबाजार हिंसा की प्राथमिकी डीएसपी राजेश श्रीवास्तव की शिकायत पर दर्ज की गई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि घटना के दिन दशहरा मैदान में करीब 8 से 10 हजार प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए थे। वहां आयोजित कार्यक्रम में भडक़ाऊ भाषण दिए गए जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति रैली निकाली और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।


