सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 14 मई। अंबिकापुर मिशन चौक निवासी एवं टुनटुन दाबेली संचालक अमन ओझा की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों की मांग के बाद सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है।
गौरतलब है कि अमन ओझा का शव 10 मई को झारखंड के रंका क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। परिजनों और स्थानीय लोगों ने हत्या की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि घटना से करीब डेढ़ माह पहले अमन ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पत्नी को एक धर्म विशेष के युवक द्वारा भगाने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया था।
मामले को लेकर भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने आईजी को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। वहीं सरगुजा सर्व ब्राह्मण समाज ने भी पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले की गहन जांच कराने की मांग उठाई थी।
आईजी द्वारा गठित एसआईटी में अंबिकापुर सीएसपी राहुल बंसल, कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा तथा रामानुजगंज थाना प्रभारी को शामिल किया गया है।
बताया जा रहा है कि अप्रैल में वायरल वीडियो में अमन ओझा ने पत्नी और बेटी को एक युवक द्वारा अपने साथ ले जाने की बात कही थी। साथ ही विरोध करने पर आपत्तिजनक फोटो वायरल करने और हत्या की धमकी मिलने का आरोप लगाया था। उसने इस संबंध में कोतवाली थाना में शिकायत देकर संबंधित मोबाइल नंबर और नाम भी पुलिस को उपलब्ध कराया था।
मौत से तीन दिन पहले अमन ओझा ने कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके दो दिन बाद ही झारखंड के रंका स्थित खुथवा मोड़ के पास उसका शव मिला। शव के चेहरे पर चोट के निशान पाए गए थे।
इधर, मृतक की पत्नी ने किसी भी युवक से संबंध होने की बात से इनकार किया है। उसने कहा कि वायरल वीडियो सामने आने के समय ही पुलिस को गंभीरता से जांच करनी चाहिए थी। पत्नी ने भी पति की हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।


