सरगुजा

फुलवारी पर कृति नारी साहित्य समिति की गोष्ठी
14-May-2026 10:54 PM
फुलवारी पर कृति नारी साहित्य समिति की गोष्ठी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर,14 मई। अंबिकापुर नगर के चोपड़ापारा स्थित संध्या सिंह के निवास पर कृति नारी साहित्य समिति द्वारा ‘फुलवारी’ विषय पर साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार बबन पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सीमा तिवारी द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात राज पांडे ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन माधुरी जायसवाल ने किया।

गोष्ठी में विभिन्न साहित्यकारों ने ‘फुलवारी’ विषय पर अपनी रचनाओं के माध्यम से भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। संध्या सिंह ने ‘हंसती, मुस्कुराती मुझसे बातें करती है फुलवारी’ पंक्तियों से वातावरण को भावविभोर किया। कांति पांडे ने नन्हें बच्चों को फूलों से जोड़ते हुए स्वयं को मालिन के रूप में प्रस्तुत किया। संतोषी चंदेल ‘गुडिय़ा’ ने गीत के माध्यम से ‘किस्म-किस्म के फूल खिले हैं, जो देखे बस कह दे वाह’ सुनाकर सराहना बटोरी।

गीता तिवारी ने फुलवारी की तुलना तिरंगे की शान से की, वहीं उमा वर्मा ने ‘बाग-बाग हो उठे कलेजा, देख के आंगन की फुलवारी’ प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। सरिता सिंह ने ‘हर फूल हमें जीना और खुशबू बनाए रखना सिखाता है’ का संदेश दिया। आशा उपाध्याय ने कृति समिति को भी एक फुलवारी बताते हुए साहित्यिक सौंदर्य का चित्र खींचा। रूही गज़ाला ने ‘संभल के जाना फुलवारी में, फूलों के संग कांटे हैं’ प्रस्तुत किया।

सीमा तिवारी ने फुलवारी विषय पर गीत के साथ भोजपुरी में मां पर आधारित सुमधुर प्रस्तुति दी। समिति की अध्यक्ष माधुरी जायसवाल ने ‘कृति समिति भी फुलवारी है, सभी फूल नायाब’ शीर्षक से अपनी रचना प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में अतिथि साहित्यकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। गीता दुबे ने ‘आज सरसों के हाथ पीले हुए’ प्रस्तुत किया, जबकि मंजू सिंह ने माता का भजन सुनाया। पूनम शुक्ला ने संस्था के उद्देश्यों की सराहना करते हुए कृति समिति को फुलवारी की संज्ञा दी।

मुख्य अतिथि बबन पांडेय ने समिति की रचनाधर्मिता की सराहना करते हुए प्रस्तुतिकरण को और प्रभावशाली बनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम में निर्मला श्रीवास्तव, सुशीला वर्मा, उपमा पांडे, मंजू पांडे, प्रभा मिश्रा, फूलमती सिंह, कविता सिंह, स्मिता सिंह, शशि सिंह एवं प्रकाश कश्यप सहित बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।


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