सरगुजा
परवेज आलम ने आईजी से निष्पक्ष जांच की मांग की
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 9 मई। अंबिकापुर बरेजपारा निवासी परवेज आलम ने मतदाता सूची से नाम विलोपित करने के कथित प्रयास को लेकर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज से निष्पक्ष जांच एवं एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके विरुद्ध फॉर्म-7 के माध्यम से झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायत प्रस्तुत कर उन्हे ‘ं ्रड्ढह्यद्गठ्ठह्ल/क्कद्गह्म्द्वड्डठ्ठद्गठ्ठह्लद्य4 स्द्धद्बद्घह्लद्गस्र’ दर्शाते हुए मतदाता सूची से नाम हटाने का प्रयास किया गया।
परवेज आलम ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में 15 फरवरी को सिटी कोतवाली अंबिकापुर में लिखित आवेदन दिया था। इसके बाद 25 फरवरी को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में भी अपराध दर्ज कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया। उनका आरोप है कि आवेदन में पर्याप्त दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी आपराधिक कार्रवाई नहीं की गई है।
आवेदक के अनुसार शिकायतकर्ता जवाहर सिंह द्वारा लोकसेवक को मिथ्या जानकारी दी गई, जो भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 227, 228, 61 एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित आरोपी स्थानीय स्तर पर सत्तारूढ़ दल भाजपा से जुड़े पदाधिकारी हैं, जिसके कारण मामले में निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित हुई है।
परवेज आलम ने यह भी बताया कि 7 मई को थाना अंबिकापुर की ओर से उन्हें यह कहकर ‘फैना काट’ दिया गया कि पुलिस इस मामले में अपराध दर्ज नहीं कर पाएगी और उन्हें न्यायालय का सहारा लेना होगा।
अपने आवेदन में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की मूल संरचना का हिस्सा है तथा मतदाता सूची में किसी प्रकार की छेड़छाड़ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है।
आवेदक ने आईजी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज कराने, संबंधित फॉर्म-7, सर्वर लॉग, आईपी एड्रेस एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर वैज्ञानिक जांच कराने तथा पूरे प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराने की मांग की है।


