सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 2 मई। रगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों की सक्रियता बढऩे से ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बना हुआ है। शनिवार को कंडराजा और चोरकीपानी गांव में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाते हुए शासकीय संपत्ति और ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार कंडराजा स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय परिसर में हाथियों का झुंड घुस आया, जहां उन्होंने स्कूल में रखे चावल को नष्ट कर दिया तथा फर्नीचर और खिड़कियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद स्कूल का संचालन प्रभावित हो गया है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ा है।
इसी तरह चोरकीपानी गांव में हाथियों ने दो मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और आसपास की फसलों को भी रौंद दिया। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से खुले में रहने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार हाथियों के भय के कारण वे रातभर जागकर निगरानी करने को विवश हैं। क्षेत्र में बच्चों और बुजुर्गों के बीच डर का वातावरण है। लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 14 हाथी दो समूहों में विचरण कर रहे हैं, जो भोजन की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं। एसडीओ वन सपना मुखर्जी ने कहा कि विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी की जा रही है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। रेंजर प्रशांत ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
विभाग ने नुकसान का आकलन प्रारंभ कर दिया है तथा प्रभावितों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। साथ ही हाथियों को वापस जंगल की ओर मोडऩे के प्रयास भी किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।


