सरगुजा
पटाखों के अवशेष मिलने से मामला गंभीर, 10 साल तक सजा का प्रावधान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,1 मई। शहर के राममंदिर रोड स्थित मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा होलसेल दुकान में हुई भीषण आगजनी के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए गैर जमानती धाराएं और विस्फोटक अधिनियम की धाराएं जोड़ दी हैं। सरगुजा आईजी के निर्देश के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि 23 अप्रैल को राममंदिर गली स्थित इस दुकान में अचानक भीषण आग लग गई थी। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया, जिससे तीन मंजिला इमारत पूरी तरह से नष्ट हो गई। गोदाम में रखे पटाखों में हुए विस्फोट के कारण आग तेजी से फैली और आसपास के करीब 8 मकान भी प्रभावित हुए। घटना में इमारत का एक हिस्सा गिर गया और व्यापक नुकसान हुआ।
शुरुआत में पुलिस ने मामले को सामान्य धाराओं में दर्ज किया था, जिस पर आईजी दीपक कुमार झा ने आपत्ति जताई। उन्होंने एसपी के माध्यम से नोटिस जारी कर थाना स्तर पर स्पष्टीकरण मांगा और भारतीय न्याय संहिता की धारा 324, 326 (छ) तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 9 (ख) जोडऩे के निर्देश दिए।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (स्नस्रु) की प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से जले हुए पटाखों के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई है। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने मामले में अतिरिक्त धाराएं जोड़ दी हैं। इस प्रकरण में दुकान संचालक मुकेश अग्रवाल और उनके रिश्तेदार प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। नई धाराओं के तहत 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
नगर निगम ने क्षतिग्रस्त भवन को खतरनाक घोषित करते हुए उसे हटाने का आदेश जारी किया है। आयुक्त डीएन कश्यप ने संचालक को 24 घंटे के भीतर भवन को सुरक्षित तरीके से हटाने का नोटिस दिया था, लेकिन अब तक अमल नहीं हो सका है।
इधर, एफएसएल की विस्तृत जांच जारी है। फॉरेंसिक अधिकारी कुलदीप कुजूर ने बताया कि टीम दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण करेगी, जिससे आग के कारणों और विस्फोटक सामग्री की मात्रा का स्पष्ट पता लगाया जा सके। केमिकल जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है।


