सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 2 मई। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर 1 मई को विभिन्न ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों द्वारा चोपड़ापारा स्थित छत्तीसगढ़ सेल्स प्रमोशन एम्प्लाइज यूनियन कार्यालय में झंडारोहण कर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शिकागो के शहीद मजदूरों एवं शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
सभा की शुरुआत प्रवीण कुमार के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने नई श्रम संहिताओं को वापस लेकर पुराने श्रम कानून लागू करने की मांग उठाई। इसके बाद छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के अनंत सिन्हा ने श्रम और पूंजी के विरोधाभास को रेखांकित करते हुए शोषणमुक्त समाज के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने मजदूर दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की भी मांग की।
सीपी शुक्ला ने कहा कि मजदूर और किसान एक-दूसरे के पूरक हैं, लेकिन उनके आंदोलनों को अक्सर देश विरोधी बताया जाता है। उन्होंने किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में सुजान बिंद, सुरेश बुनकर, सचिदानंद पाण्डेय और अंकुर सिन्हा ने राज्य सरकार की कर्मचारी व पेंशनर विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए लंबित एरियर्स के भुगतान और धारा 49(छ) को समाप्त करने की मांग रखी।
जितेंद्र सोढ़ी ने बढ़ती महंगाई और गिरते जीवन स्तर पर चिंता जताते हुए असंगठित एवं ठेका मजदूरों के आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया। एटक यूनियन की किरण सिन्हा ने सरकार से मजदूर संगठनों के साथ संवाद कर समस्याओं का समाधान करने की अपील की। उन्होंने आठवें वेतन आयोग का लाभ समय पर देने और पेंशनरों के साथ भेदभाव समाप्त करने की मांग की।
विनोद सिन्हा ने कहा कि श्रमिकों के बीच भेदभाव खत्म होना चाहिए, वहीं अंजली (छत्तीसगढ़ कर्मचारी संघ) ने शिक्षा को नि:शुल्क करने और निजी स्कूलों को नियंत्रित करने की बात कही। प्रकाश नारायण सिंह ने कार्य के 8 घंटे और 8 घंटे आराम की व्यवस्था सुनिश्चित करने, श्रमिक दिवस पर अवकाश घोषित करने तथा बीज विधेयक 2025 और वैलिडेशन एक्ट को वापस लेने की मांग रखी।
सभा में अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में पंडित जवाहरलाल नेहरू और भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित करने, पेंशनरों की आय को आयकर से मुक्त करने समेत कई मांगें उठाई गईं।
अंत में दवा कंपनियों द्वारा कथित शोषण और मनमानी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन रघुनाथ प्रधान ने किया। यह जानकारी यूनियन के सचिव रघुनाथ प्रधान द्वारा जारी की गई।


