सरगुजा
7 दिन में कलेक्टर को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 27 अप्रैल। शहर के बहुचर्चित मुकेश पटाखा एवं प्लास्टिक दुकान अग्निकांड मामले में जिला प्रशासन ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। कलेक्टर द्वारा गठित उच्च स्तरीय संयुक्त कमेटी की निगरानी में सोमवार को फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मलबे से महत्वपूर्ण नमूने एकत्रित किए।
मलबे की बारीकी से जांच, जुटाए सैंपल
फोरेंसिक टीम ने जलकर खाक हो चुकी दुकान और गोदाम के भीतर बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने घटनास्थल से जले हुए पटाखों के रैपर, खोखे तथा प्लास्टिक के पिघले हुए अवशेषों के नमूने एकत्र किए हैं। इन सैंपलों की वैज्ञानिक जांच से आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा, साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि वहां किस श्रेणी के विस्फोटकों का भंडारण किया गया था।
7 दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
कलेक्टर के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय संयुक्त जांच कमेटी इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। कमेटी को सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में विशेष रूप से सुरक्षा मानकों के पालन तथा रिहायशी इलाके में विस्फोटक भंडारण की अनुमति से जुड़े पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
घनी आबादी में अवैध भंडारण की आशंका
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को हुई भीषण आगजनी ने पूरे शहर को दहला दिया था। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित दुकान और गोदाम में भारी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण किया गया था। नियमों की अनदेखी कर रिहायशी इलाके में इस तरह के संचालन को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
हादसे के बाद लोगों में आक्रोश
घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि शहर के बीच संचालित इस तरह के अवैध कारोबार से बड़ा हादसा हो सकता था, जिससे जनहानि की आशंका भी बनी हुई थी। नागरिकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा ऐसे गोदामों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है।


