सरगुजा

टॉल फ्री नंबर 1962 बना पशुपालकों के लिए वरदान
26-Apr-2026 9:58 PM
टॉल फ्री नंबर 1962 बना पशुपालकों के लिए वरदान

आधे घंटे में घर पहुंची चलित पशु चिकित्सा इकाई, नि:शुल्क एआई क्रॉस ब्रीडिंग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सुकमा, 26 अप्रैल। सुकमा जिले में पशुपालकों के लिए संचालित चलित पशु चिकित्सा इकाई (एमवीयू) अब तेजी से राहत पहुंचाने का मजबूत माध्यम बन रही है। इसका ताजा उदाहरण चिकपाल निवासी ईश्वर मौर्य के मामले में देखने को मिला, जो पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।  ईश्वर मौर्य के पास 6 जर्सी गायें हैं। उन्होंने अपनी गायों के क्रॉस ब्रीडिंग कृत्रिम गर्भाधान (एआई) हेतु टॉल फ्री नंबर 1962 पर कॉल किया। कॉल करने के सिर्फ आधे घंटे के भीतर डॉक्टर सहित चलित पशु चिकित्सा वाहन उनके घर पहुंच गया।

चलित इकाई में सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी  सपना चौधरी एवं परिचारक  अनीता कवासी मौके पर उपस्थित रहीं। टीम ने तेजी से एवं नि:शुल्क कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया पूरी की। महज एक घंटे से भी कम समय में सेवा उपलब्ध होने से हितग्राही  ईश्वर मौर्य ने खुशी जताई और शासन की इस सुविधा की सराहना की।

इस संबंध में सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी  सपना चौधरी ने बताया कि सुकमा जिले में कुल 3 चलित पशु चिकित्सा वाहन संचालित हैं। पशु मालिकों के कॉल करने पर यह टीम घर पहुंचकर पशुओं का इलाज, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, बधियाकरण, सैंपल कलेक्शन तथा एआई ब्रीडिंग जैसी सेवाएं प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि इन सभी सेवाओं का लाभ पूरी तरह नि:शुल्क दिया जा रहा है। इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य है कि पशुपालकों को दूर अस्पताल या कार्यालय न जाना पड़े और घर बैठे पशुओं का उपचार व देखभाल संभव हो सके।

पशु चिकित्सा विभाग सुकमा के उप संचालक डॉ. संदीप इंदुरकार ने पशुपालकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की पशु चिकित्सा सम्बंधित समस्या के लिए टॉल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करें और शासन की इस महत्वपूर्ण सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।


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