सरगुजा

पटाखा-प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग, संचालक सहित दो पर एफआईआर
26-Apr-2026 9:27 PM
पटाखा-प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग, संचालक सहित दो पर एफआईआर

55 घंटे बाद भी सुलगती रही आग, जांच के लिए विशेष टीम गठित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 26 अप्रैल। शहर के राम मंदिर क्षेत्र स्थित प्लास्टिक एवं पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने दुकान संचालक मुकेश अग्रवाल और उनके करीबी रिश्तेदार प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई पड़ोसी प्रफुल्ल पांडेय की शिकायत पर की गई, जिनका मकान भी आगजनी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया था।

कोतवाली थाना में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, प्रफुल्ल पांडेय ने शिकायत में बताया कि मुकेश अग्रवाल और प्रवीण अग्रवाल संयुक्त रूप से व्यवसाय का संचालन करते हैं तथा उनके द्वारा बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया गया था। आग लगने के दौरान पटाखों में तेज विस्फोट हुआ, जिससे आसपास के मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि आगजनी में उनके घर का इंटीरियर पूरी तरह जल गया तथा दीवारों में दरारें आ गई हैं।

पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125, 270 एवं 287 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि शनिवार तक, घटना के करीब 55 घंटे बाद भी भवन के भीतर आग सुलगती रही, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। आग की चपेट में आया तीन मंजिला भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गया है और दो कॉलम के सहारे खड़ा होने से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

यह था मामला

गौरतलब है कि गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे राम मंदिर के सामने स्थित गली में प्लास्टिक और पटाखा गोदाम की ऊपरी मंजिल में लिफ्ट लगाने के लिए गैस वेल्डिंग का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान प्लास्टिक एवं थर्मोकोल सामग्री में आग लग गई, जो कुछ ही देर में बेकाबू होकर नीचे की मंजिलों तक फैल गई।

आगजनी में लाखों रुपये मूल्य के प्लास्टिक और पटाखों का स्टॉक जलकर खाक हो गया। आग बुझाने के लिए दरिमा एयरपोर्ट, अडानी माइंस तथा एसईसीएल विश्रामपुर की फायर ब्रिगेड टीमों को बुलाया गया, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में आसपास के छह मकान भी प्रभावित हुए।

जांच के लिए विशेष टीम गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा एसडीएम, सीएसपी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ सहित अन्य अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित की गई है, जिसे सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इधर, मामले को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


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