सरगुजा

मानव एकता दिवस पर निरंकारी मिशन ने लगाया रक्तदान शिविर, 62 ने स्वैच्छिक रक्तदान
26-Apr-2026 9:22 PM
मानव एकता दिवस पर निरंकारी मिशन ने लगाया रक्तदान शिविर, 62 ने स्वैच्छिक रक्तदान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 26 अप्रैल। मानव एकता दिवस के अवसर पर संत निरंकारी मिशन, अंबिकापुर द्वारा 24 अप्रैल को सिन्धु भवन में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चले इस शिविर में 62 लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। संग्रहित रक्त को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा गया है, जिससे जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिल सकेगा।

शिविर में कई नियमित रक्तदाताओं ने भी भाग लिया। इनमें 30 बार रक्तदान कर चुके संजय मानवानी, 62 वर्षीय वरिष्ठ सदस्य एवं संस्था प्रमुख अमरलाल बचानी तथा 31 वर्षीय निशित बचानी, जिन्होंने 23वीं बार रक्तदान किया, विशेष रूप से शामिल रहे। वहीं पहली बार रक्तदान करने वालों में तनवीर मानवानी और नैना कालड़ा भी उपस्थित रहे।

निरंकारी मिशन अंबिकापुर शाखा के मुखी अमरलाल बचानी ने बताया कि सतगुरु माता सुदिक्षा सविंदर हरदेव जी महाराज का संदेश है कि रक्तदान एक जीवनदायी सेवा है, इसलिए इसे ‘महादान’ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा और जरूरतमंदों की सहायता निरंकारी मिशन का प्रमुख उद्देश्य है।

मानव एकता दिवस के अवसर पर आयोजित सत्संग कार्यक्रम में महात्माओं ने प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। वक्ताओं ने बताया कि यह दिवस निरंकारी मिशन के तीसरे सद्गुरु बाबा गुरुबचन सिंह जी महाराज के मानवता के लिए दिए गए बलिदान की स्मृति में वर्ष 1980 से निरंतर मनाया जा रहा है।

सत्संग के दौरान ज्ञान प्रचारकों ने मानव एकता, आपसी सम्मान और सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि प्रेम और भाईचारा ही समाज को मजबूत बनाने का आधार है। उन्होंने नारी सम्मान, पारिवारिक सौहार्द और समाज में समानता बनाए रखने का संदेश भी दिया।

उल्लेखनीय है कि 18 से 60 वर्ष की आयु का कोई भी स्वस्थ महिला या पुरुष रक्तदान कर सकता है तथा एक बार रक्तदान के बाद दोबारा रक्तदान के लिए कम से कम 90 दिनों का अंतर होना आवश्यक होता है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित रक्तदान से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है और कई स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होते हैं।


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