सरगुजा
निजी अस्पताल के सामने हुई थी मारपीट, कांग्रेस बोली- भाजपाईयों की गुंडागर्दी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 27 फरवरी। नगर के प्राइवेट हॉस्पिटल लक्ष्मी नारायण के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय पत्रकार से मारपीट के मामले में कोतवाली पुलिस ने देर रात 3 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। केस दर्ज होते ही कोतवाली के बाहर प्रदर्शन कर रहे पत्रकार लौट गए।
पत्रकार से मारपीट की सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता भी थाने पहुंचे। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो साझा कर इसे सत्ताधारी भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी बताया है।
जानकारी के अनुसार गुदरी गली विजय मार्ग स्थित लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के सामने ट्रांसफार्मर लगाए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी। शिकायत मिलने पर नगर निगम आयुक्त ने विद्युत विभाग के ईई को ट्रांसफार्मर हटाने के लिए पत्र लिखा था। गुरुवार को विभागीय टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो घंटों हंगामा हुआ।
विवाद के दौरान रिपोर्टिंग कर रहे स्थानीय पत्रकार सुशील बखला के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की। भीड़ बढऩे पर डॉ. प्रतीक खरे और एक महिला डॉक्टर पर हमले की कोशिश हुई। इसी दौरान सुशील बखला पर हमला किया गया। बीच-बचाव कर रहे पत्रकार सुमित सिंह का चश्मा टूट गया और उन्हें चोट भी आई।
घटना के समय थाना प्रभारी समेत पुलिस बल मौके पर मौजूद था। सुशील बखला ने बताया कि वे महिला डॉक्टर को बचाने का प्रयास कर रहे थे, तभी युवकों ने उन पर हमला कर दिया। घटना के विरोध में सभी पत्रकार कोतवाली थाने पहुंचे और तत्काल अपराध दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर शरण सिंह और निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग रखी। देर शाम तक पत्रकार थाने में डटे रहे।
पुलिस ने सुशील बखला की रिपोर्ट पर अरूणेंद्र प्रताप सिंह, आकाश सिंह और बडु सिंह के खिलाफ धारा 296, 351(2), 115(2), 3(5) बीएनएस और 3-1, 3(2) एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की।


