सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 24 फरवरी। शहर में पीलिया के मामलों को लेकर महापौर मंजूषा भगत ने जनप्रतिनिधियों, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ प्रभावित मोहल्लों और गलियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खुली नालियां, गंदगी के ढेर और वर्षों से सफाई नहीं होने की स्थिति सामने आई, जिस पर महापौर ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि नवागढ़ शहरी स्वास्थ्य केंद्र के पीछे 42 पीलिया मरीजों की सूचना मीडिया के माध्यम से मिली थी, जिनमें अधिकांश अब स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में केवल दो मरीज सक्रिय पाए गए हैं, जबकि अन्य पूर्व में ठीक हो चुके हैं। मितानिन द्वारा 10 घरों से पानी के सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेज लैब में जांच कराई गई, जिसमें दो घरों का पानी प्रदूषित पाया गया। वहीं घुटरापारा में छह नए मरीज मिलने की खबर की पुष्टि स्थानीय स्वास्थ्य टीम को नहीं हुई है।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासियों ने बताया कि क्षेत्र में अवैध पोल्ट्री फार्म और चिकन-मटन दुकानों से गंदगी फैल रही है, जिससे बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। इस पर महापौर ने सफाई विभाग को विशेष टीम लगाकर सफाई कराने, जल विभाग को नालियों के संपर्क में आने वाली पाइपलाइन स्थानांतरित करने तथा बाजार एवं स्वास्थ्य विभाग को अवैध दुकानों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि पीलिया फैलना गंभीर चिंता का विषय है और नागरिकों को तुरंत निगम को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पूरे शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा करने और डोर-टू-डोर स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से पानी उबाल कर पीने की अपील की और कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
जलप्रदाय विभाग के प्रभारी सदस्य जितेंद्र सोनी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी के सैंपल रायपुर भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट 26 या 27 फरवरी तक आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि नालियों के संपर्क में दिए गए कनेक्शनों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा और चप्पल से लीकेज बंद करने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य मनीष सिंह, प्रियंका गुप्ता, नितिन गुप्ता, अजय सारथी, विकास गुप्ता, प्रशांत पांडेय, जल विभाग प्रभारी प्रशांत खुल्लर, इंजीनियर सतीश रवि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सफाई कर्मी और वार्डवासी उपस्थित रहे।


