सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर, 30 जनवरी। नगर पंचायत लखनपुर स्थित ईदगाह में गुरुवार, को नमाज़-ए-ईशा के बाद जलसा-ए-दस्तारबंदी का भव्य आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मदरसा फैज़ाने औलिया से शिक्षा प्राप्त कर पाँच बच्चों ने हिफ्ज़़-ए-क़ुरआन मुकम्मल किया, जिनकी दस्तारबंदी कर उन्हें सनद, फूल व गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित एवं हौसला-अफज़ाई की गई।हाफिज़़ बनने वाले बच्चों में हाफिज़़ मोहम्मद फैज़ान रज़ा, मोहम्मद अंजर रज़ा, मोहम्मद शेर हसन, सोएब आलम और इसरार अंसारी शामिल हैं।
इस जलसे की सरपरस्ती पीर-ए-तरीक़त फैज़ाने हुज़ूर, हाफिज़़-ए-मिल्लत हुज़ूर, नसीर-ए-मिल्लत, उस्तादुल उलमा हजऱत अल्लामा मौलाना मोहम्मद नसीरुद्दीन साहब कि़बला (उत्तर प्रदेश) ने फऱमाई।
जलसे में विशेष वक्ता के रूप में हजऱत अल्लामा मौलाना नुमान अख्तर फ़ायक़ुल जमाली (नवादा, बिहार) उपस्थित रहे।
विशेष शायर के रूप में मौलाना अज़मत रज़ा भागलपुरी एवं मौलाना महमूद मज़हर मिस्बाही ने अपनी मौजूदगी से जलसे को रौनक़ बख़्शी। नकीब-ए-इजलास की जि़म्मेदारी कारी हसन फैज़ी साहब ने निभाई।
मौक़े पर स्थानीय उलेमा-ए-किराम व शोअरा-ए-आज़म ने तकऱीर और नातख़्वानी पेश की।
ख़्वातीनों के बैठने के लिए अलग से मुकम्मल इंतज़ाम किया गया था तथा जलसे में शरीक होने वाले तमाम लोगों के लिए लंगर का भी एहतमाम रहा।
इस अवसर पर जामा मस्जिद के इमाम ख़लीदुल क़ादरी, मौलाना हसन रज़ा, मौलाना कमरुद्दूज़्ज़ा, सफ़ीउल्लाह, समीउल्लाह, हाफिज़़ शमशीर, कमेटी के सदर हाजी इदरीश ख़ान, नसरत अली, नूमान ख़ान, ताहिर नूर, नूर मोहम्मद, मतीन अख्तर, महबूब हैदर, मनव्वर ख़ान सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे।


