सरगुजा
क्रिकेट मैचों में करोड़ों का सट्टा, 300 से अधिक फर्जी खातों से लेन-देन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 20 जनवरी। सरगुजा पुलिस को अवैध ऑनलाइन सट्टे के एक बड़े मामले में अहम सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे सट्टा रैकेट के मास्टरमाइंड को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन एवं नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में गठित संयुक्त पुलिस टीम द्वारा की गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी दीप सिन्हा द्वारा क्रिकेट मैचों, विशेषकर आईपीएल मुकाबलों में ऑनलाइन पैनल के माध्यम से लाखों-करोड़ों रुपये का सट्टा खिलाया जा रहा था। आरोपी अपने साथियों को कमीशन देकर सट्टे का नेटवर्क संचालित करता था। इस दौरान धोखाधड़ी के जरिए कई लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल नंबर लेकर अवैध धन के लेन-देन में उपयोग किया जाता था। जांच में सामने आया है कि लगभग 300 फर्जी खाता धारकों के खाते खुलवाकर उनमें करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया।
गत 13 मई 2024 को थाना कोतवाली पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, अमित मिश्रा उर्फ पहलू और शुभम केशरी मिलकर स्काईएक्सचेंज लिंक के माध्यम से गुजरात टाइटन्स व कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच चल रहे आईपीएल टी-20 मैच में ऑनलाइन सट्टा खिला रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रेड कर तीनों आरोपियों को मोबाइल फोन के जरिए सट्टा संचालन करते हुए पकड़ा।
पूछताछ एवं जांच में आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन, 21 एटीएम कार्ड, 3 पासबुक, 2 चेकबुक, 20,100 रुपये नकद सहित सट्टे से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 325/24 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 एवं 8 के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों द्वारा अन्य लोगों के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खोले गए। इस पर प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471, 120(बी) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(सी), 66(डी) जोड़ी गई। मामले में पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी दीप सिन्हा लगातार फरार चल रहा था।
लगातार फरारी को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा पुलिस ने साइबर सेल एवं कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्यों और सतत प्रयासों के बाद आरोपी आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा (32 वर्ष), निवासी नेहरू वार्ड, शिव मंदिर के पास, थाना कोतवाली अंबिकापुर को पुणे (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार कर हिरासत में लिया गया।
पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।


