सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 20 जनवरी। एमसीबी जिले के पोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम साजा पारा पोड़ी निवासी एक गर्भवती और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही की आशंका जताई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम साजा पारा निवासी धर्मेंद्र सिंह का विवाह वर्ष 2017 में गीता सिंह (30 वर्ष) से हुआ था। गीता सिंह के पहले से दो बच्चे हैं, जिनका जन्म सामान्य प्रसव से हुआ था। सोमवार को तीसरे बच्चे के लिए गीता सिंह को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उसे पोड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे।
पोड़ी अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल बड़ा बाजार रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में प्रसूता को डिलीवरी वार्ड में भर्ती कर दिया गया, जहां पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित था। पति धर्मेंद्र सिंह के अनुसार कुछ समय बाद अचानक उसकी पत्नी की तबीयत बिगडऩे लगी। उसे ऑक्सीजन पर रखा गया और उसके हाथ-पैर ठंडे पडऩे लगे।
हालत गंभीर होने पर देर रात करीब 1 बजे महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया। परिजन तडक़े करीब 3 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने गीता सिंह और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि जब महिला को पोड़ी अस्पताल लाया गया था, तब उसकी हालत सामान्य थी। ऐसे में डिलीवरी वार्ड के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिससे उसकी और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई, यह गंभीर सवाल खड़े करता है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।


