सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 12 जनवरी। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) अंबिकापुर में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन प्रेरणादायी वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों, आदर्शों तथा राष्ट्रनिर्माण में उनकी भूमिका से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम की प्रस्तावना राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यक्रम अधिकारी शब्बीर आलम द्वारा रखी गई। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन को युवाओं के लिए ऊर्जा, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा का स्रोत बताया।
इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य चंदेश्वर पैकरा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाओं के लिए दिशा देने वाला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने आचरण में उतारकर कौशल, चरित्र और राष्ट्रभक्ति के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आज का प्रशिक्षार्थी ही आने वाले भारत का निर्माता है और विवेकानंद के आदर्श इस मार्ग में पथप्रदर्शक हैं।
कार्यक्रम में माधुरी पाठक ने स्वामी विवेकानंद को युवाओं का प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने पर बल दिया। राजेश सोनी ने शिकागो धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद द्वारा दिए गए ऐतिहासिक ‘भाइयों और बहनों’ संबोधन को भारतीय संस्कृति की उदारता और मानवतावादी दृष्टि का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी शैलेन्द्र सिन्हा ने स्वामी विवेकानंद को भारत के पुनर्जागरण का अग्रदूत बताते हुए कहा कि उन्होंने विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाया।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद को भारत माता के महान सपूत के रूप में स्मरण करते हुए उनके राष्ट्रहितकारी योगदान पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन अजय मिश्र द्वारा किया गया।
इस अवसर पर एनविल विमोन मिंज, राजपति मेहता, जयसंत कुशवाहा, राजेंद्र सिंह, स्नेहलता मिश्रा, प्रियंका पटेल, सौरभि शुक्ला, नेहा पाण्डेय, गीता निर्मलकर एवं सूरज साहू सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में उतारने के संकल्प के साथ किया गया।


