सरगुजा

जल, जंगल जमीन जनजाति समाज की जीवन रेखा- रामकुमार
07-Dec-2025 10:12 PM
जल, जंगल जमीन जनजाति समाज की जीवन रेखा- रामकुमार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सीतापुर,7 दिसंबर। शासकीय श्यामा प्रसाद मुखर्ज़ी  महाविद्यालय सीतापुर में जनजाति समाज का गौरवशाली अतीत विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि विधायक रामकुमार टोप्पो, विशिष्ट अतिथि के रूप में शिव भरोस बेक सदस्य जिला पंचायत सरगुजा, विकास कुमार एक्का अध्यक्ष जनभागीदारी समिति शासकीय श्यामा प्रसाद मुखर्ज़ी  महाविद्यालय सीतापुर, मुख्य वक्ता शिवनारायण राम भगत - सचिव वनवासी कल्याण आश्रम जिला सुरगुजा,गंगा राम पैंकरा पूर्व पहाड़ी कोरवा महापंचायत संयोजक, प्रदीप नागदेव नगेसिया समाज प्रतिनिधि, रोशन गुप्ता पूर्व  भाजपा मण्डल अध्यक्ष  सीतापुर, राजकुमार अग्रवाल वरिष्ट भाजपा पदाधिकारी सीतापुर,रुपेश गुप्ता,पूर्व अध्यक्ष जनभागीदारी समिति शासकीय श्यामा प्रसाद मुखर्ज़ी  महाविद्यालय सीतापुर, एवम सीतापुर के जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।

विधायक रामकुमार ने कहा कि जल, जंगल जमीन जनजाति समाज की जीवन रेखा है, इसे बचने के लिए उन्होंने आज की युवा पीढ़ी से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ लगाने का आह्वान किया। पर्यावरण संरक्षण बढ़ावा देने के लिए मैनपाठ में इको पार्क बनाने की भी  बात जाहिर की। इसके साथ ही महविद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की।

कंवर समाज के प्रतिनिधि के रूप उपस्थित गंगा राम पैंकरा ने कहा कि आदिवासी आयुर्वेद का ज्ञाता है,इस ज्ञान को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचने की आवश्यकता है।

 महविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को प्रदर्शनी में रखा था, इसकी प्रशंसा की । उन्होंने कहा की आयुर्वेद पौधौं और उनके गुणों को जन जन तक पहुंचने क लिए इनका डॉक्यूमेंटेशन करने का सुझाव दिया तथा इस कार्य को करने के लिए पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया, साथ ही इन्होंने जनजातियों के लिए बने क़ानून के बारे में संछिप्त में बताया।

नगेसिया समाज के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित प्रदीप कुमार नागदेव ने नगेसिया समाज की संघर्ष की दास्ताँ को युवा पीढ़ी के समक्ष रखा। उन्होंने पीढ़ी को अनुसाशन में रहकर नियोजित तरीके से मेहनत करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए  संघर्ष करते रहने को प्रेरित किया हमे कभी हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने युवाओं को नशा से दूर रहने की हिदायत दी।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित शिव नारायण राम भगत ने जनजाति समाज के समाजसेवी संत गहिरा गुरु, माता राजमोहिनी देवी के विषय  में बताते हुए इनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अच्छे कर्म करते हुए समाज को आगे बढ़ाने के लिए आज की युवा पीढ़ी को आगे आने का आह्वान किया।

उन्होंने आध्यात्म  से जुडी बातों को बताते हुए , मानव जीवन के उद्देश्य को समझाया । अपनी संस्कृति , धरोहर को संजो कर रखनी होगी ताकि हम अपने अस्तित्व की रक्षा कर सकें और इसके लिए  कही इसके लिए युवाओं को आगे आने को कहा।

जन प्रतिनिधि राज कुमार गुप्ता ने जनजाति समाज के युवाओं को कहा कि अपनी मेहनत से अपने सपनों को पूरा कर सकतें हैं। कठिन परिस्थियों में हार नहीं मानना चाहिए इसका जीता जाता उदहारण सीतापुर की कुमारी चंचल पैंकरा है, जिसने कठिन परिस्थियों में भी पढाई नहीं छोड़ा बल्कि मेहनत की और अपने लक्ष्य को हासिल किया। एम एल ए कोचिंग क्लॉस से पढ़ कर कई बच्चे चयनित होकर अनेक पदों पर कार्यरत हैं, इन बातों को युवाओं के समक्ष रखा।कार्यशाला में सांस्कृतिक कार्यकर्म , पारम्परिक वेशभूषा में रैंप वाक,पोस्टर प्रदर्शनी व पारम्परिक व्यंजन प्रदर्शनी कार्यक्रम हुए जिसमें छात्र-छात्राओं ने बड़े जोश से बढ़ - चढ़ कर हिस्सा लिया।

इस कार्यशाला में मंच संचालन  डॉ. सी. टोप्पो और डॉ. प्रवीण साहू द्वारा किया गया। यह कार्यशाला शशिमा कुजूर (संयोजक) के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ  अंत में सुनील नाग द्वारा सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 कार्यशाला को सफल बनाने के लिए महाविद्यालय के अधिकारी शशिमा कुजूर, डॉ  सी टोप्पो, स्नेहलता खलखो मैडम, डॉ. रोहित बारगाह, बोधराम चौहान,शीला तिर्की,सरिता देव, डॉ  प्रवीण कुमार साहू,रामकिशुन टाइगर,धीरज मिश्रा,आदेश गुप्ता एवम समस्त कर्मचारी व महाविद्यालय स्टाफ ने अपना सहयोग प्रदान किया।कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान से हुआ।


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