सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर, 7 दिसंबर। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत केनापारा में शासकीय प्राथमिक विद्यालय संचालित न होने के कारण बच्चों और अभिभावकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को लगभग दो किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पौड़ी के प्राथमिक विद्यालय में जाकर अध्ययन करना पड़ता है।
पूर्व में जब केनापारा आश्रित ग्राम था, तब यहां शासकीय प्राथमिक शाला संचालित होती थी। वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग द्वारा केनापारा प्राथमिक शाला को ग्राम पौड़ी के प्राथमिक शाला में मर्ज किया गया था। वर्तमान में केनापारा के 50 से अधिक बच्चे ग्राम पौड़ी प्राथमिक शाला में अध्ययनरत हैं।
ग्राम पंचायत बनने के बाद से नई मांग
वर्ष 2019 में केनापारा अलग ग्राम पंचायत के रूप में गठित हुआ। तब से ग्रामीणों द्वारा ग्राम में शासकीय प्राथमिक शाला पुन: खोले जाने की मांग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कच्चे और असमतल रास्तों से होकर छोटे बच्चों को पौड़ी जाना पड़ता है, जिससे उन्हें दैनिक रूप से परेशानी होती है।
ग्रामीणों, सरपंच और स्थानीय प्रतिनिधियों ने पूर्व विधायक तथा वर्तमान विधायक प्रबोध मिंज सहित विभागीय अधिकारियों से कई बार प्राथमिक शाला पुन: शुरू करने का अनुरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक इस दिशा में निर्णय नहीं लिया गया है।
ग्राम पौड़ी प्राथमिक शाला में कक्षा 1 से 5 तक कुल 92 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। इनमें से लगभग 50 विद्यार्थी केनापारा से आते हैं।
संकुल समन्वयक उजियार विश्वकर्मा ने बताया कि— वर्ष 2015 में केनापारा प्राथमिक शाला को पौड़ी प्राथमिक शाला में मर्ज किया गया था। विद्यालय में वर्तमान में लगभग 92 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें से लगभग आधे विद्यार्थी केनापारा से हैं। विद्यालय में दो शिक्षक पदस्थ हैं और एक शिक्षक को उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अटैच किया गया है। ग्रामीणों की मांग पर केनापारा में विद्यालय पुन: संचालित किए जाने के लिए आवेदन कई बार विभाग को भेजे गए हैं।
पूर्व प्राथमिक शाला भवन में आंगनबाड़ी केंद्र
केनापारा के पुराने शासकीय प्राथमिक शाला भवन में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है। भवन लंबे समय से उपयोग में न आने और रखरखाव न होने के कारण खराब स्थिति में है। आंगनबाड़ी संचालन इसी भवन में जारी है।


