सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लुण्ड्रा, 7 नवंबर। आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय जनजातीय लोक नृत्य गीत महोत्सव 2025 का प्रदेशव्यापी आयोजन किया जा रहा है,जिसके तारतम्य में 6 नवंबर को विकासखंड स्तरीय कर्मा नृत्य कार्यक्रम का रंगारंग आयोजन स्थानीय छत्रपति शिवाजी स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम में आठ टीमों ने भाग लिया। स्पर्धा में लमगांव की टीम ने प्रथम व ग्राम पंचायत पुरकेला की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्षा निरूपा सिंह एवं विधायक प्रतिनिधि जयंत मिंज, मंडल अध्यक्ष धौरपुर संजय गुप्ता, मंडल अध्यक्ष लुण्ड्रा सतीश जायसवाल व भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अभिषेक पावले, सरपंच संघ अध्यक्ष मंगल कोरवा, सीईओ प्रीति भगत ने मां सरस्वती छत्तीसगढ़ महतारी व भारत माता के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विकासखंड के 70 ग्राम पंचायतों को अलग-अलग 5 सेक्टरों में बाटा गया था, जहां आयोजित कार्यक्रम में चयनित कर्मा नर्तक दल को विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम के लिए चयन किया गया जिसके तहत कुल 8 कर्मा नर्तक दलों ने खंड स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभागी लिए एवं पारंपरिक वेशभूषा व पुरातन संस्कृति की झलक के साथ आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनों का मन मोह लिया।
विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में चयनीत प्रथम वह द्वितीय टीम आगामी 15 नवंबर को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम में अपनी कला व संस्कृति की जौहर दिखाएंगे। प्रतियोगिता के लिए पांच सदस्यीय अनुभवी लोगों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया था, जिन्होंने नर्तक दलों के पारंपरिक वेशभूषा सुर-ताल प्रस्तुतीकरण तथा गाने व नृत्य से समाज को मिलने वाली सीख के आधार पर प्रथम व द्वितीय का चयन किया प्रत्येक दल को 10 मिनट का समय दिया गया था जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ग्राम पंचायत लमगांव की टीम ने प्रथम स्थान व ग्राम पंचायत पुरकेला की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
अतिथियों द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त टीम को दस हजार रुपए नगद,द्वितीय स्थान प्राप्त टीम को पांच हजार रुपए नगद तथा शामिल सभी टीमों को दो- दो हजार रुपये की सांत्वना राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई। उक्त दोनों टीम जिला स्तरीय महोत्सव नृत्य गीत में अपना कला दिखाएंगे ।


