सरगुजा

हर महिला को दृढ़ एवं अटूट इरादे के साथ लडऩा चाहिए-शफी अहमद
10-Mar-2023 9:14 PM
हर महिला को दृढ़ एवं अटूट इरादे के  साथ लडऩा चाहिए-शफी अहमद

   अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,10 मार्च।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार के दिशनिर्देशानुसार जन शिक्षण संस्थान सरगुजा में जन शिक्षण संस्थान के सभागार में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में शफी अहमद अध्यक्ष राज्य श्रम कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ शासन की उपस्थिति रहीं। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता सीमा सोनी पूर्व पार्षद एवं सदस्य कौशल विकास प्राधिकरण अंबिकापुर संस्थापक रोटी बैंक ने की। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक मिश्रा पार्षद नगर निगम अंबिकापुर ,  सुमन सिंह आहार विशेषज्ञ मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर, शिल्पा पांडे अधिवक्ता संस्थापक विजन समाज सेवी संस्था, सरला राय सदस्य रोटी बैंक अंबिकापुर , एम सिद्दीकी निदेशक जन शिक्षण संस्थान सरगुजा,गिरीश गुप्ता डी.पी.ओ. साक्षरता सरगुजा,अंचल कुमार ओझा सरगुजा साइंस ग्रुप,आदि की उपस्थिति रहीं।

स्वागत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए एम सिद्दीकी ने कहा कि लैंगिक भेदभाव से मुक्त एक बेहतर समाज बनाने और लैंगिक समानता का संदेश देने के लिए हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. ये दिन महिलाओं के सम्मान में मनाया जाता है. ये महिलाओं के समान अधिकार, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार और प्रजनन अधिकारों जैसे मुद्दों पर बात करता है. साथ ही जन शिक्षण संस्थान सरगुजा मे 120 विद्यार्थियों को विभिन्न ट्रेड के अंतर्गत हेल्थ केयर नर्सिंग, कंप्यूटर एवं ब्यूटी पार्लर मे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के नए बैच के शुरू होने की बात कही। 

श्रम कल्याण मंडल बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद ने कहा कि 8 मार्च को विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्रेम प्रकट करते हुए, महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों एवं कठिनाइयों की सापेक्षता के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।इस प्राकृतिक मानवाधिकार के लिए हर महिला को दृढ़ एवं अटूट इरादे के साथ लडऩा चाहिए। इस लड़ाई में किसी भी प्रकार के ठहराव या विश्राम करने की अनुमति नहीं है। महिलाओं के रूप में लिया जाने वाला पहला महत्वपूर्ण कदम आत्मविश्वास बढ़ाकर आत्मसम्मान हासिल करना, अपना महत्व समझना एवं अपनी देखभाल कर अपना सम्मान करना है।

 इसी तारतम्य में अंचल ओझा, शिल्पा पांडे, सरला राय एवं आहार विशेषज्ञ ने अपने उद्बोधन के द्वारा महिलाओं को प्रोत्साहित किया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अपने जीवन की सभी अद्भुत महिलाओं का सम्मान, सम्मान और पूजा करें, चाहे वे आपकी मां हों, पत्नी हों या बेटी हों। साथ ही इसी तारतम्य मे सीमा सोनी ने कहा कि महिलाओं का उत्थान पुरुषों के पतन के बारे में नहीं है। लैंगिक समानता बनाने में हर कोई भूमिका निभा सकता है। लैंगिक संतुलन न केवल महिलाओं का मुद्दा है, बल्कि एक आर्थिक मुद्दा भी है। इस तरह सभी प्रतिभागियों ने भी महिला के प्रति अपने विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम में वंदना मानिकपुर, सबीना खातून, निधि पांडे, अंजू माला, लोक सेवा मुस्लिम समिति से सुल्ताना सिद्दीकी, रसीदा परवेज, आदि सभी महिलाओं को सम्मानित किया गया। जन शिक्षण संस्थान सरगुजा के सभी सदस्य रमेश यादव, विवेक सिंह, शुभंकर विस्वास, ए लकरा एस. ए. के मेमोरियल एजुकेशन सोसाइटी आदि सभी की गरिमामय उपस्थिति रहीं।


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