सरगुजा

उत्तरी छत्तीसगढ़ में शीतलहर का कहर, पाट क्षेत्रों में पाला,न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक लुढक़ा
15-Jan-2026 10:37 PM
 उत्तरी छत्तीसगढ़ में शीतलहर का कहर, पाट क्षेत्रों  में पाला,न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक लुढक़ा

सरगुजा संभाग के छह जिलों में शीतलहर का अलर्ट

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर,15 जनवरी। उत्तरी छत्तीसगढ़ में शीतलहर के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पिछले 24 घंटों में बलरामपुर जिले का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पाट क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री के बीच बना हुआ है। पाट से लेकर कुछ मैदानी इलाकों तक पाला पडऩे से ठंड का असर और बढ़ गया है। मौसम विभाग ने संभाग के छह जिलों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है।

सरगुजा संभाग के सभी जिलों में ठंड का प्रकोप जारी है। गुरुवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 4.6 डिग्री था। दिन में धूप निकलने के बावजूद अधिकतम तापमान में खास बढ़ोतरी नहीं हो सकी और यह 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।

पाट से मैदानी इलाकों तक पाले का असर

संभाग के सभी पाट क्षेत्रों के साथ-साथ बलरामपुर जिले के मैदानी इलाकों में भी गुरुवार को पाला पड़ा। पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिरने से जमकर पाला जम रहा है। वहीं मैदानी इलाकों में तापमान 3 डिग्री तक पहुंचने से ओस की बूंदें जमने लगी हैं। बलरामपुर के सामरी पाट और कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में लगातार पाले की स्थिति बनी हुई है।

छह जिलों में शीतलहर का अलर्ट

मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मकर संक्रांति के बाद अधिकतम तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन रातें अभी ठंडी बनी रहेंगी।

मौसम विज्ञानी ए.एम. भट्ट ने बताया कि मौसम साफ रहने के कारण उत्तरी शीतलहरें तेजी से क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तापमान में तेज गिरावट के चलते फिलहाल कोहरे की स्थिति नहीं बन रही है।

जनजीवन प्रभावित

कड़ाके की ठंड से सरगुजा संभाग में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शाम होते ही शीतलहर के कारण कंपकंपी शुरू हो जाती है, जिससे ग्रामीण इलाकों में सन्नाटा पसरने लगता है। सुबह की पाली में स्कूल जाने वाले बच्चे भी ठिठुरते हुए नजर आ रहे हैं। जनवरी माह में ठंड के चरम पर रहने के बाद फरवरी के पहले सप्ताह से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


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