सरगुजा

कांग्रेसियों ने चहुंमुखी विकास वाला ऐतिहासिक बजट बताया
06-Mar-2023 8:19 PM
कांग्रेसियों ने चहुंमुखी विकास वाला ऐतिहासिक बजट बताया

   भाजपाईयों ने कहा चुनावी घोषणाओं वाला बजट   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 6 मार्च।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का आखिरी और पांचवां बजट पेश किया। इस बजट को कांग्रेसियों ने जहां ऐतिहासिक बजट बताते हुए युवाओं, किसानों, महिलाओं पर ज्यादा फोकस करना बताया, वहीं बजट को वही भाजपाई केवल इसे चुनावी घोषणाओं वाला बजट बता रहे हैं। सरगुजा के जनप्रतिनिधियों द्वारा बजट पर दी गई प्रतिक्रिया कुछ इस प्रकार है...

बजट बेहद ही निराशाजनक- रेणुका सिंह
केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बजट आम जनता की आशाओं के अनुरूप नहीं है। बजट में ऐसा कुछ नया नहीं है, जिसे देखकर विकास की नई आशाएं जागृत हों। भूपेश बघेल सरकार जनता के सामने अपने खोखले वादों के साथ फिऱ आई है, ऐसा ही लग रहा है। कांग्रेस शासन 2018 के आम चुनाव में अपने जनघोषणा पत्र में गंगाजल की सौगंध खाकर  जनता से शराबबंदी का वादा करके सत्ता में आई थी, पर वह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ।

आज प्रदेश के 16 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास से प्रदेश की गरीब जनता वंचित है। भूपेश बघेल की सरकार इन आवासों के संदर्भ में जो आंकड़े पेश करती है, वो भाजपा के 15 वर्ष के शासनकाल में बने थे। किसानों को 2 साल का बकाया बोनस अब तक नहीं दिया। यह किसान विरोधी सरकार है।कांग्रेस ने अपने जनघोषणा पत्र में 200 फूड पार्क बनाने की बात कही थी, पर उसका अब तक कोई अता-पता नहीं है।

कर्मचारियों का नियमितीकरण भी अब तक नहीं हुआ, यह उनकी आशाओं पर कुठाराघात है।पत्रकार सुरक्षा कानून को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। छत्तीसगढ़ अब अपराधगढ़ है, जहां लोकतंत्र का चतुर्थ स्तम्भ ही सुरक्षित नहीं है।औचित्यहीन योजनाओं में प्रदेश के संसाधनों को पानी की तरह बहाया जा रहा है। बजट देखकर ऐसा नहीं लगता कि जनता की आशाएं पूरी होंगी, और कुछ नया होने वाला है।कांग्रेस के इस पंचवर्षीय कार्यकाल यह अंतिम बजट अब अंतिम ही रहने वाला है। यह विश्वासघाती सरकार है, और इसने फिऱ एक बार जनता को ठगा। और सनद रहे जनता विश्वासघातियों को कभी माफ़ नहीं करने वाली। इस बजट से हर वर्ग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है।

घोषणापत्र को पूर्ण करने वाला बजट- टीएस सिंहदेव
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते  कहा कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों, मितानिन, ग्राम कोटवार और पटेल, गोठान प्रभारी, रसोईया, सफाई कर्मचारी आदि के मानदेय में वृद्धि वास्तव में उन  स्वयंसेवकों का सम्मान है, जिन्हें 15 वर्षो के भाजपा शासन में उपेक्षित किया गया था।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब 4 और मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। सम्भाग का दूसरा मेडिकल कॉलेज मनेन्द्रगढ़ में खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र का महत्वपूर्ण संकल्प बेरोजगारी भत्ता इस बजट से पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के लिये ये जनहितैषी बजट है। हमारी सरकार जनकल्याण को लक्ष्य लेकर चल रही है इसी लिये आज प्रदेश में बेरोजगारी दर बेहद कम है, जबकि प्रदेश का विकास दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।

अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए संगीत महाविद्यालय, मानसिक रोग अस्पताल, ई-अस्पताल, और नवीन आत्मानंद महाविद्यालय की घोषणायें की गयी है। उदयपुर में एसडीएम कार्यालय के लिये बजट में प्रावधान किया  गया है। लखनपुर रिंग रोड सहित कई सडक़ों के लिये सैकड़ों करोड़ की स्वीकृति दी गई है। घुनघुट्टा सिंचाई परियोजना के नहरों के बचे काम के लिए 45 करोड़ के साथ ही अम्बिकापुर विधानसभा के लिये 100 करोड़ के सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति हुई है। विभागीय बजटों में भी क्षेत्र के लिये काफी कुछ मौजूद है जो कि जल्द ही घोषित किए जाएंगे।

सभी वर्गों की खुशहाली का बजट-अमरजीत भगत
 बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा पेश किया गया बजट भरोसे का बजट है, ये बजट सभी वर्गों के लिए खुशहाली का बजट है।

श्री भगत ने कहा कि यह  बजट प्रदेश की जनता का आय बढ़ाने वाला और महंगाई से राहत देने वाला बजट है। हमारी सरकार जनता के भरोसे पर खरी उतरी है, सभी वर्गों की मौजूदा मांगो को पूरा करते हुए सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी बजट में छतीसगढ़ के भविष्य को सुदृढ़ करने बड़ी राशि का प्रावधान किया हैं। बजट में ग्रामीण क्षेत्र एवं सामाजिक सुरक्षा के साथ शिक्षित बेरोजगारों को 2500 रु. प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना में इनपुट सब्सिडी के लिए 6800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का नगर पंचायत क्षेत्रो के लिए विस्तार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि मे 43 प्रतिशत की वृद्धि (प्रतिमाह 500 रु.) की गई है। दुर्ग से नवा रायपुर के लिए लाइट मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ के मानदेय में वृद्धि कर 10,000 रुपए प्रतिमाह, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 7500 प्रतिमाह, आंगनबाड़ी सहायिका को 5000 प्रतिमाह। मितानीनों के लिए रू. 2200 अतिरिक्त प्रतिमाह। ग्राम कोटवारों के लिए सेवा भूमि के आधार पर रू. 3000, रू. 4500 रू. 5500, रू. 6000 प्रतिमाह। ग्राम पटेलों के लिए रू. 3000 प्रतिमाह। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत रसोईयों हेतु रू. 1800 प्रतिमाह। विद्यालयों में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों हेतु रू. 2800 प्रतिमाह। होमगार्ड जवानों हेतु न्यूनतम रू. 6,300 से अधिकतम रू. 6,420 प्रतिमाह। स्वावलंबी गोठानों की संचालन समिति के अध्यक्ष हेतु रू. 750 एवं अशासकीय सदस्यों हेतु रू. 500 प्रतिमाह का प्रावधान है।  आज का बजट में प्रदेश के सभी वर्गों के हित का बजट है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला बजट-अजीत अग्रवाल
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सरगुज़ा अध्यक्ष अजीत अग्रवाल ने बताया कि आज विधान सभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा  बजट पेश किया गया। बजट में किसी भी प्रकार का नया कर नहीं लगाया गया जो स्वागत योग्य है। प्रस्तुत बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला बजट रहा, साथ ही उद्योग प्रोत्साहन हेतु होलसेल कोरिडोर, अतिरिक्त पूंजी निवेश तथा प्लास्टिक पार्क के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर आधारित बजट है।

विकासमूलक बजट -डॉ. अजय तिर्की
महापौर डॉ. अजय तिर्की ने बजट के संबंध में कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के साथ-साथ हर वर्ग को ध्यान में रखकर विकासमूलक बजट पेश किया है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में विकास के साथ ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने की पहल की गई है।

युवाओं, किसानों, महिलाओं पर फोकस-अजय बंसल
बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व अपेक्स बैंक के संचालक अजय बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने जो बजट पेश किया है, छत्तीसगढ़ के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। इस बजट में सीएम बघेल ने पेंशन राशि बढ़ाने के साथ युवाओं के लिए बेरोजागारी भत्ता बढ़ाकर 250 करोड़ कर दिया है। बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भत्ता 6500 से बढ़ाकर 10 हजार और आंगनबाड़ी सहायिकाओं का 3550 से बढ़ाकर 5 हजार किया गया। इसके अलावा नया रायपुर से दुर्ग तक लाइट मेट्रो शुरू की जाएगी। सीएम श्री बघेल ने कोई नया कर लागू नहीं कर छत्तीसगढ़ की जनता को बड़ी राहत दी है।  महिलाओं, बेरोजगार युवाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कोटवार, मेडिकल कॉलेज, पशु अनुसंधान केंद्र, 101 नए स्वामी आत्मानंद स्कूल इत्यादि कई ऐतिहासिक कार्य की घोषणा की गई है।

चहुंमुखी विकास को गति देने वाला बजट-राजीव
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री व वन ठेकेदार संघ सरगुजा के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि यह बजट चहुंमुखी विकास को गति देने वाला है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के मानदेय में वृद्धि। प्रदेश की उड़ान के लिए दो नए हवाई पट्टी। 4 नए मेडिकल कॉलेज, 101 आत्मानंद स्कूल, 23 नवीन महाविद्यालय, 97 न्यायालयों की स्थापना के लिए प्रावधान। 

शहरी सडक़ों एवं ग्रामीण मार्गों के लिए राशि, साथ ही कई स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना के लिए राशि प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्राविधान। मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना, 100 करोड़ का प्रावधान।  कौशल्या समृद्धि योजना की शुरुआत की जाएगी। आवास योजना के तहत 3 हजार 2 सौ 38 करोड़ का प्रावधान। सडक़ों के लिए 500 करोड़ का प्रावधान।

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी परख सम्मान योजना के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान।लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारों के लिए होम लोन के लिए व्याज अनुदान की राशि का प्रावधान किया है, जिसे पत्रकार जगत में खुशी का माहौल है।

हर वर्ग का हाथ मजबूत करने वाला बजट-ऋषभ 
जिला प्रवक्ता एनएसयूआई अध्यक्ष अग्रवाल युवा मंच के ऋ षभ गर्ग ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सामाजिक न्याय के सपने को साकार करते हुए समाज के हर वर्ग का हाथ मजबूत करने की दिशा में ये बजट प्रस्तुत किया है। किसान, भूमिहीन किसान, मजदूर, महिलाओं एवं छात्रों के लिए उपयोगी योजनाएं। 

आंगनबाड़ी संबंधित सभी कर्मियों एवं मितानिनों के मानदेय में वृद्धि। प्रदेश की उड़ान के लिए दो नए हवाई पट्टी। 4 नए मेडिकल कॉलेज, 101 आत्मानंद स्कूल, 23 नवीन महाविद्यालय, 97 न्यायालयों की स्थापना के लिए प्रावधान। शहरी सडक़ों एवं ग्रामीण मार्गों के लिए राशि साथ ही कई स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना के लिए राशि। यह बजट प्रदेश के चहुमुखी विकास को गति देने वाला बजट है।

निराशाजनक बजट-संजीव सेठ
भाजपा ओबीसी मोर्चा लखनपुर प्रभारी संजीव सेठ ने आज पेश हुए छत्तीसगढ़ के चुनावी बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार द्वारा बजट 2023 पेश किया गया, जो बिल्कुल निराशाजनक बजट है। इस बजट में सरगुजा को भी कुछ नहीं दिया गया है, झुनझुना बजट है। साथ ही कर्मचारियों के वेतन वृद्धि के नाम पर भी लॉलीपॉप पकड़ाया गया है। छत्तीसगढ़ की जनता को बजट के नाम पर सिर्फ छला गया है, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को रेगुलर नहीं किया गया और न ही कोटवारों की मांग पूरा की गई। किसी भी सरकारी कर्मचारी की मांग पूरी नहीं की गई इसके अलावा बजट में छत्तीसगढ़ के लोगों के रोजगार व विकास हेतु कुछ नही है कुल मिलाकर चुनावी घोषणा वाली सिर्फ घोसनात्मक बजट है जो पूरा कब होगा कुछ पता नहीं। चार साल मे कोई भी लोक हितकारी कार्य भूपेश सरकार ने नहीं किया है। आज की छलिया बजट पूर्ण रूप से निंदनीय है।

इस बार भी सरगुजा को झुनझुना - रोचक गुप्ता
भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रोचक गुप्ता ने कहा कि आज के बजट में सरगुजा की जनता को 3 कैबिनेट मंत्रियों के रहते फिर से कांग्रेस सरकार द्वारा इस वर्ष भी सिर्फ झुनझुना दिया गया। मुख्यमंत्री के द्वारा बेरोजगारी भत्ते को लेकर चुनावी घोषणा की गई है, जो कि चार वर्षों में नहीं किया गया, ऐसे में युवाओं को कांग्रेस के मुख्यमंत्री के द्वारा चुनावी लॉलीपॉप ही दिया गया है। भाजपा सरकार में शुरू हुए संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के संबध एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार के द्वारा कोई घोषणा नहीं किया जाना सरगुजा के युवाओं के साथ छलावा है।

सरगुजा की फिर उपेक्षा-शुभम अग्रवाल
अम्बिकापुर भाजपा के कोषाध्यक्ष व व्यापारी संगठन कैट के प्रदेश मंत्री शुभम अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के भरोसे के बजट को अविश्वास का बजट बताया है। शुभम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने चुनावी वर्ष में सिर्फ लुभावना बजट पेश किया है। कोई बुनियादी घोषणा नहीं की गई। पिछले 4 वर्षों की तरह इस चुनावी वर्ष में भी सरगुजा की जनता को आपसी लड़ाई में ठेंगा दिखाया गया है। सरगुजा के लोगों ने कांग्रेस पर भरोसा जताया था, मगर सरगुजा को हमेशा की तरह अनदेखा किया गया। मानदेय जो 4 वर्ष पूर्व बढ़ाना था, वो कार्यकाल के आखिरी साल में बढ़ाना व बेरोजगारों को भत्ता जैसी घोषणा सिर्फ लॉलीपॉप है। सरकार की हर घोषणा पर संदेह होता है क्यों कि आज तक किसी भी घोषणा को सरकार पूर्ण रूप नहीं दे पाई।

छत्तीसगढ़ के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा यह बजट- दीपक मिश्रा
अंबिकापुर नगर निगम के पार्षद दीपक मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जो बजट पेश किया है, उसे छत्तीसगढ़ के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। 2023-24 का ऐतिहासिक बजट, जिसमें सभी वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के  बेरोजगार युवाओं , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका ,कोटवार ,मेडिकल कॉलेज, पशु अनुसंधान केंद्र, 101 नए स्वामी आत्मानंद स्कूल इत्यादि कई ऐतिहासिक कार्य की घोषणा की गई है और सबसे बड़ी बात कि टैक्स में किसी प्रकार की कोई वृद्धि नहीं की गई है।

विकास के लिए ऐतिहासिक बजट-परवेज आलम
कांग्रेसी नेता परवेज आलम गांधी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट में उन्होंने सभी वर्गों का ख्याल रखा है और जो घोषणा पत्र में वादे किए गए हैं, उनको भी पूरा किया। इस बजट में बेरोजगारों को प्रतिमाह 2500 रूपए देने की घोषणा की गई है। चार मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर दस हजार किया गया है, वृद्धा पेंशन की राशि में बढ़ोतरी की गई है, किसान न्याय योजना के लिए 6800 करोड़ राशि का प्रावधान किया गया। वहीं इस बजट में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को होम लोन के लिए ब्याज अनुदान की राशि का प्रावधान किया है।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि में बढ़ोतरी की गई है 25,000-से बढ़ाकर 50,000 कर दिया गया है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों की संख्या में वृद्धि होगी, 101 नए स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी मीडियम स्कूल खुलेंगे। बजट में दुर्ग से नया रायपुर तक लाइट मेट्रो ट्रेन चलायी जाएगी, जिसकी घोषणा की गई है।

मिल का पत्थर साबित होगा बजट-लक्ष्मी गुप्ता
तेलघानी विकास बोर्ड सदस्य लक्ष्मी गुप्ता ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का बजट गरीब, मध्यम वर्ग के लिए मील का पत्थर साबित होगा। लक्ष्मी गुप्ता ने कहा कि सीएम भूपेश ने प्रदेश का पहला हाईटेक ई-बजट पेश किया है। इसमें सभी वर्गों का  ख्याल रखा गया है, खासकर छोटे वर्गों का इसमें विशेष ख्याल रखा गया है। 

भूपेश बघेल सरकार ने अपने इस कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश करते हुए बतौर वित्त मंत्री सभी वर्गों के लिए सौगातों की बारिश कर दी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 10000 रुपए कर दिया एवं साहिकाओं का मानदेय 5000 रुपए कर दिया गया है। 101 नए स्वामी आत्मानंद स्कूलों को स्थापना की जाएगी। छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 

सीएम कन्यादान राशि भी सरकार 25000 से बढ़ाकर अब 50000 रुपए देगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षित बेरोजगारों को  प्रतिमाह 2500 रुपए बेरोजगारी भत्ता देने का भी ऐलान किया है।  

भूपेश बघेल की अगुवाई वाली राज्य की कांग्रेस सरकार हर वर्ग के लिए इस बजट में बहुत कुछ लेकर आई है जिससे प्रदेश की जनता में खुशी का माहौल है , आधारभूत संरचना के विकास, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं , लक्ष्मी गुप्ता ने आगे कहा कि यह प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बजट है, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने का बजट है। इस बजट ने छत्तीसगढ़ महतारी का मान बढ़ा दिया।

चुनावी बजट -आलोक दुबे
 भाजपा नेता व नगर निगम पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि यह चुनावी बजट है। संविदा और शासकीय कर्मचारियों के नियमितीकरण का कोई जिक्र नहीं है। पांच साल में कितने वादे पूरे किए, साथ ही पिछले बजट में किए घोषणाओं में कितने काम शुरू हुए, यह सरकार बताएं।

हर वर्ग के भरोसे का बजट -हिमांशु
एनएसयूआई प्रदेश महासचिव हिमांशु जायसवाल ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट छात्रों, युवा के लिए उनके भरोसे का बजट है। बेरोजगार युवाओं को जनघोषणा पत्र के वादों को पूरा करते हुए 2500 रू बेरोजगारी भत्ता के साथ प्रदेश में 4 नए मेडिकल कॉलेज 101 आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल  छात्रों को राज्य संरक्षित धरोहरों के दर्शन, खेल को बढ़ावा देना ये  शिक्षा और खेल में प्रकाश डालने वाला बजट है। आज सरकार ने छत्तीसगढ़ के सभी वर्गों के लिए न्याय वाला बजट पेश किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाना, सडक़ों के लिए राशि देना, कन्या विवाह में 25 से 50 हजार, आवास योजना में राशि देना, पत्रकारों को मकान के लिए 50 लाख लोन देना, ये सब आम जनमानस के हित का बजट है  ये बजट धरातल में रहने वालों को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट है। 

संतुलितत बजट- अमर पारवानी
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा प्रस्तुत बजट प्रदेश के आर्थिक विकास की आधारशिला है। उद्योग-व्यापार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधोसंरचनात्मक विकास के साथ-साथ किसान, युवा, नौकरीपेशा,, महिलाओं, शिक्षित बेरोजगारों, निराश्रित और नि:शक्त जनों एवं वरिष्ठ नागरिकों पर केन्द्रित सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए बनाया गया संतुलित बजट है।


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