सरगुजा
पंचों व ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, कार्रवाई की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सीतापुर, 5 मार्च। सरपंच-सचिव पर पंचायत की राशि गबन करने का आरोप पंचों समेत ग्रामीणों ने आरोप लगाया। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप दोनों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
मामला जनपद क्षेत्र के बेलजोरा पंचायत का है, जहां पंचायत की वर्तमान महिला सरपंच सरिता बघेल और सचिव नंद कुमार के ऊपर पंचों समेत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दोनों के द्वारा मिलीभगत कर बिना निर्माण कार्य कराए ही कई कार्यों का राशि आहरण कर लिया गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच-सचिव द्वारा अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रख पंचायत में अपनी मनमानी की जा रही है। दोनों ने मिलीभगत कर 14वें -15वें वित्त आयोग और मूलभूत की राशि का भरपूर दुरुपयोग किया है। यहाँ तक कि जंगल पारा में नाली निर्माण के नाम पर एक लाख पचीस हजार और कुधरापारा ने नाली निर्माण के नाम पर एक लाख पच्चीस हजार पांच सौ की बिना निर्माण कार्य कराए ही 29 अक्टूबर 2020 में आहरण कर पैसे का बंदरबांट कर लिया गया।
तीन वर्ष बाद पंचों को इसकी जानकारी मिली। पंचों ने सरपंच से इसकी पुष्टि करने के लिये बात की, पर महिला सरपंच द्वारा पंचों को डरा धमका कर झूठे केस में फंसा देने की धमकी देकर भाग दिया गया। पंचों ने यह बात ग्रामीणों को बताई।
सरपंच के रवैये से नाराज पंच और ग्रमीणों ने इसकी लिखित शिकायत जनपद सीईओ डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार,एसडीएम रवि राही एवं कलेक्टर सरगुजा से कर सरपंच और सचिव के विरुद्ध जाँचकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान पंच शिव प्रसाद, सुमित्रा बाई, हिरी बाई, सुखी राम, अंजू, बसंत कुजूर, सोमार साय, बाल कुंवर, मोहन राम नागवंशी, धीरेंद्र गुप्ता, जवाहरलाल, सहित ग्रामीण शामिल थे।
शिकायत की जानकारी मिलने पर सरपंच द्वारा आनन-फानन में गबन किये गए निर्माण कार्य स्थल में मटेरियल गिरा कर कार्य को शुरू करने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों और पंचों द्वारा कार्य को जाँच उपरांत करने की बात कह कर रोका गया है।
इस संबंध में जनपद सीईओ डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार से जानकरी लेने पर बताया कि पंचों और ग्रामीणों द्वारा सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध गबन करने की शिकायत की गई है। मेरे द्वारा विभाग के मोहन साहू और जयराम भगत को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौपने को कहा है, कल मेरे द्वारा स्वयं जाकर रिपोर्ट की जांच की जाएगी। मामले में शामिल लोगों के विरुद्ध जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।


