सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 20 फरवरी। लखनपुर विकासखंड के निम्हा धान खरीदी केंद्र में पिछले दिनों प्रशासनिक टीम के द्वारा जब्त हुए 2284 बारदाने में से दो हजार सरकारी बारदाने गायब करने का मामला सामने आया है।
ज्ञात हो कि सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम नीमहा में जनप्रतिनिधियों के मांग पर सरकार के द्वारा 2020 में नए धान उपार्जन केंद्र का शुभारंभ कर क्षेत्र के किसानों से धान खरीदी शुरु किया गया।
धान खरीदी के समाप्ति के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि धान उपार्जन केंद्र प्रभारी के द्वारा बड़ी मात्रा में ग्रामीण बनाफर यादव के यहां शासकीय मार्कफेड बारदाना रखा गया है। सूचना उपरांत उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नायब तहसीलदार आईसी यादव दल-बल के साथ 27 जनवरी को धान खरीदी केंद्र से महज 100 मीटर दूर निम्हा निवासी ग्रामीण बनाफर यादव के घर से मार्कफेड के 2284 बारदाने जब्त किया गया।
बारदाना के संबंध में ग्रामीण बनाफर यादव से पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि समिति के फड़ प्रभारी श्याम कुमार व अन्य कर्मचारियों के द्वारा पिकप से लाकर बारदाना उनके घर रखवाया गया है। नायब तहसीलदार आईसी यादव के द्वारा उक्त बारदाने को जब्त कर ग्रामीण को सुपुर्द किया गया तथा पंचनामा कार्रवाई कर प्रतिवेदन लखनपुर तहसीलदार गरिमा ठाकुर के पास पेश किया, जिसके उपरांत अग्रिम कार्रवाई हेतु पंचनामा हुआ जांच प्रतिवेदन जिला खाद्य अधिकारी को भेजा गया।
ग्रामीण बनाफर यादव की पत्नी का आरोप है कि समिति के कर्मचारियों के द्वारा घर से जबरन जब्त किए गए सरकारी बारदाने को ले जाया गया है।
सूत्रों की माने तो सरगुजा व सूरजपुर जिला के बॉर्डर में स्थित होने से नीमहा धान खरीदी केंद्र में बिचौलियों के द्वारा बड़ी मात्रा में धान खपाया जाता है।
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवानी जायसवाल ने कहा कि मार्कफेड बारदाना जब्त कर ग्रामीण को सुपुर्द करते हुए अग्रिम कार्यवाही हेतु जिला खाद्य अधिकारी को पंचनामा प्रतिवेदन भेजा दिया गया है।
जिला खाद्य अधिकारी रविंद्र सोनी से फोन पर इस संबंध में पूछे जाने पर उनके द्वारा कहा गया कि बरदाना गायब हुआ इस संबंध में मुझे आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है, जांच कर संबंधित पर कार्यवाही की जाएगी।
लखनपुर तहसीलदार गरिमा ठाकुर ने कहा कि 2284 बारदाना जब्त कर ग्रामीणों को सुपुर्द किया गया था, साथ ही पंचनामा व प्रतिवेदन अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला खाद्य अधिकारी को भेजा था। आगे की कार्रवाई खाद्य विभाग से ही होना है।


