सूरजपुर

सूरजपुर में दो बाल विवाह प्रकरण आए सामने, पॉक्सो एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
15-May-2026 10:22 PM
सूरजपुर में दो बाल विवाह प्रकरण आए सामने, पॉक्सो एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर,15 मई। जिले में दो बाल विवाह के प्रकरण सामने आए, जिनमें संबंधितों के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम एवं पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

14 वर्षीय बालिका का विवाह कर पत्नी की तरह रखा गया

पहले प्रकरण में सूचना मिली कि भटगांव क्षेत्र के एक गांव में 14 वर्षीय बालिका का बाल विवाह कराया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल के नेतृत्व में संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच में बालिका की उम्र 14 वर्ष पाई गई।

पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि बालिका का विवाह 4 दिसंबर 2025 को सारासोर मंदिर में दोनों पक्षों के अभिभावकों की मौजूदगी में संपन्न कराया गया था। उस समय बालिका की उम्र मात्र 13 वर्ष 8 माह थी। विवाह के बाद से दोनों पति-पत्नी की तरह लडक़े के घर में रह रहे थे। सामाजिक रीति-रिवाज के तहत विवाह की औपचारिकता दोबारा की जा रही थी, जिसकी शिकायत प्रशासन को मिली थी।

संयुक्त टीम ने बालिका को रेस्क्यू कर सखी वन स्टॉप सेंटर में संरक्षण हेतु रखा तथा बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत करने की कार्रवाई की।

कार्रवाई के डर से सुबह-सुबह करा दिया विवाह

दूसरे मामले में टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना मिली कि बिश्रामपुर प्रेमनगर क्षेत्र के एक दूरस्थ गांव में नाबालिग बालिका का विवाह कराया जा रहा है। सूचना पर महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची, लेकिन बालिका घर में नहीं मिली। प्रारंभ में परिजन जानकारी देने से बचते रहे।

जब टीम ने अपराध दर्ज करने की चेतावनी दी तो परिजनों ने स्वीकार किया कि प्रशासनिक कार्रवाई के डर से उसी दिन सुबह बारात बुलाकर विवाह संपन्न करा दिया गया और बालिका को ससुराल भेज दिया गया।

इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी भैयाथान नितिन रंजन बेहरा, पर्यवेक्षक जय श्री, परामर्शदाता जैनेन्द्र दुबे एवं सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि साहू की संयुक्त टीम वर पक्ष के गांव पहुंची।

शुरुआत में लडक़ा पक्ष ने विवाह से इनकार किया, लेकिन सख्ती बरतने पर उन्होंने विवाह होने की बात स्वीकार कर ली।

टीम के निर्देश पर बालिका को प्रस्तुत किया गया, जिसके माथे पर सिंदूर लगा हुआ था। इसके बाद पंचनामा तैयार कर बालिका को उसकी दादी के साथ सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया तथा बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल की रिपोर्ट पर जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल ने संबंधित अधिकारियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम एवं पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।


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