सूरजपुर

गायत्री परियोजना प्रभावितों के लिए रोजगार का रास्ता साफ
16-May-2026 11:53 PM
गायत्री परियोजना प्रभावितों के लिए रोजगार का रास्ता साफ

घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर समिति की सहमति

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर, 16 मई। सूरजपुर तहसील अंतर्गत केतका स्थित एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र की गायत्री भूमिगत परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला पुनर्वास एवं पुनस्र्थापना समिति की बैठक में परियोजना प्रभावित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिससे 95 लोगों को रोजगार मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

बैठक में ग्राम जोबगा की अधिग्रहित निजी भूमि से प्रभावित परिवारों को कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभावित परिवारों को नीति के तहत निर्धारित दो विकल्पों में से किसी एक का चयन करना था, जिस पर बैठक में घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर सहमति व्यक्त की गई। अब यह इसी निर्णय के आधार पर पात्र प्रभावितों को रोजगार उपलब्ध कराने की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि गायत्री भूमिगत परियोजना के लिए कुल 288.209 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से ग्राम जोबगा, गेतरा और पोड़ी प्रभावित हुए हैं।

जानकारी के अनुसार ग्राम जोबगा में कुल 77.69 हेक्टेयर (191.976 एकड़) भूमि का अधिग्रहण किया गया। मुआवजा निर्धारण के समय यहां 168 खातेदार दर्ज थे, जबकि अधिग्रहण तिथि के समय यह संख्या 161 रही।

निजी भूमि के लिए कुल 20.17 करोड़ रुपए मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। इसमें अब तक 42 खातेदारों को 7.09 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 126 खातेदारों को 13.08 करोड़ रुपए का भुगतान अभी शेष है।

समिति की बैठक में यह भी बताया गया कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत परियोजना प्रभावितों के लिए कुल 95 रोजगार स्वीकृत हैं।

समिति ने नियमानुसार प्रभावित परिवारों को लाभ दिलाने तथा पुनर्वास प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।


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