सूरजपुर

दो माह से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीण, तालाब का गंदा पानी पीने को मजबूर
16-May-2026 11:57 PM
दो माह से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीण, तालाब का गंदा पानी पीने को मजबूर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

प्रतापपुर,16 मई। भीषण गर्मी के बीच जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत केवरा के आश्रित ग्राम परसापारा में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव में लगा सौर ऊर्जा आधारित जलप्रदाय सिस्टम पिछले दो माह से बंद पड़ा हुआ है, जिससे करीब 100 घरों की आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत एवं क्रेडा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में स्थापित सोलर जलप्रदाय योजना की मोटर खराब होने के बाद विभागीय कर्मचारी उसे निकालकर ले गए थे, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नई मोटर नहीं लगाई गई। कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

पेयजल व्यवस्था ठप होने के कारण ग्रामीण तालाब का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। गांव में मौजूद एकमात्र कुएं में रातभर में मुश्किल से 10 बाल्टी पानी ही जमा हो पाता है, जिससे पूरे गांव की आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही है। महिलाओं एवं बच्चों को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि दूषित पानी के सेवन से डायरिया, उल्टी-दस्त सहित अन्य बीमारियां फैल सकती हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों में बढ़ते आक्रोश के बीच लोगों ने कहा कि अधिकारी कार्यालयों में बैठे हैं, जबकि गांव के लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल सोलर जलप्रदाय योजना की मोटर बदलकर पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

इस संबंध में प्रतापपुर एसडीएम ललिता भगत ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर जल्द मोटर लगवाकर पेयजल व्यवस्था बहाल कराई जाएगी।


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