सूरजपुर

लंबित मांगों पर ठेका श्रमिकों का सांकेतिक धरना, प्रबंधन को 3 दिन का अल्टीमेटम
21-Apr-2026 11:36 PM
लंबित मांगों पर ठेका श्रमिकों का सांकेतिक धरना, प्रबंधन को 3 दिन का अल्टीमेटम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

विश्रामपुर, 21 अप्रैल। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के बैनर तले एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र की केतकी भूमिगत खदान के सामने ठेका श्रमिकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह 7 बजे से 9 बजे तक चले इस धरने में बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

धरना को संबोधित करते हुए एटक के क्षेत्रीय सचिव पंकज कुमार गर्ग ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि लिखित आश्वासन मिलने के बावजूद श्रमिकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खदान में ठेका श्रमिकों के लिए स्टैंडिंग ऑर्डर की व्यवस्था नहीं होने से कंपनियां मनमानी कर रही हैं और श्रमिकों को महीने में केवल 10 से 15 दिन ही काम दिया जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक शोषण हो रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खदान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। सीएमपीएफ के नाम पर श्रमिकों से लाखों रुपये की कटौती की गई है, लेकिन डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। नियोजन और सेवा समाप्ति के स्पष्ट नियम नहीं होने से पेटी कॉन्ट्रैक्टर और दलालों द्वारा भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की जा रही है। साथ ही वर्ष 2024-25 का पीएलआई/बोनस का पूर्ण भुगतान अब तक नहीं होने तथा वेतन और बोनस पर्ची नहीं दिए जाने की शिकायत भी की गई।

धरना को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आर.के. द्विवेदी और क्षेत्रीय कल्याण समिति सदस्य सजल मित्रा ने भी संबोधित किया। उन्होंने श्रमिकों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और एकजुट होकर हक की लड़ाई लडऩे का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में संघ द्वारा प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर तीन कार्य दिवसों का अल्टीमेटम दिया गया। एटक ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो यूनियन आरजीके सहक्षेत्र कार्यालय का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।


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