सूरजपुर

मानकीकरण समिति की सातवीं बैठक में कई निर्णय
19-Apr-2026 10:31 PM
मानकीकरण समिति की सातवीं बैठक में कई निर्णय

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 19 अप्रैल।
कोल उद्योग से जुड़े कामगारों के हितों और सुविधाओं को लेकर आयोजित कोल इंडिया के मानकीकरण समिति की सातवीं बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में श्रमिक संगठनों और प्रबंधन के बीच विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी, जिससे कर्मचारियों को आने वाले समय में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा जेबीसीसीआई-12 के गठन का रहा, जिस पर श्रमिक संगठनों ने जोरदार मांग रखी। यह मुद्दा वेतनमान और सेवा शर्तों से सीधे जुड़ा होने के कारण कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
साल 2026 के लिए कर्मचारियों के ड्रेस कोड को भी अंतिम रूप दिया गया। इसके तहत पुरुष कर्मचारियों के लिए ग्रे शर्ट और ब्लैक पैंट, जबकि महिला कर्मचारियों के लिए मैरून और ब्लैक ड्रेस निर्धारित की गई है, जिससे कार्यस्थल पर एकरूपता और पेशेवर छवि को बढ़ावा मिलेगा।

आश्रित रोजगार के नियमों में भी संशोधन किया गया है। अब कर्मचारी की मृत्यु की सूचना कंपनी को 3 माह के भीतर देना अनिवार्य होगा तथा आश्रित को रोजगार के लिए 3 वर्षों के भीतर आवेदन करना होगा, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा सके।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए विभागीय महिला सुरक्षा गार्ड की भर्ती के लिए न्यूनतम ऊंचाई 4.8 फीट निर्धारित की गई है, जिससे अधिक महिलाओं को अवसर मिल सकेंगे।
कौशल उन्नयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया कि जो कर्मचारी विभागीय अनुमति लेकर इलेक्ट्रिक सुपरवाइजर, माइनिंग सरदार या सर्वेयर की परीक्षा पास करेंगे, उन्हें एकमुश्त 1 लाख का प्रोत्साहन दिया जाएगा तथा संबंधित पद पर नियुक्ति भी की जाएगी।

गंभीर बीमार कर्मचारियों को लेकर भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रस्ताव रखा गया कि मेडिकल अनफिट घोषित होने तक उन्हें 100 प्रतिशत वेतन दिया जाए। इस पर प्रबंधन ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

इसके अलावा आईटीआई के बाद 2 वर्षीय डिप्लोमा करने वाले कर्मचारियों को विभागीय पदोन्नति परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने तथा पदोन्नति इंक्रीमेंट पर 31 मई 2026 तक निर्णय लेने का भरोसा भी दिया गया।
ठेका श्रमिकों के हित में भी महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया। अब तक 40 लाख रुपए के बीमा लाभ से वंचित इन मजदूरों के लिए प्रबंधन ने कॉरपोरेट सैलरी अकाउंट खोलने का आश्वासन दिया है, जिससे उन्हें भी सुरक्षा लाभ मिल सकेगा।
बैठक में पेंशनधारी माता-पिता की आय सीमा से संबंधित 10 हजार रुपए की शर्त समाप्त करने और मेडिकल रेफरल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई, जिस पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
वहीं संडे और पब्लिक हॉलिडे पर ड्यूटी के बावजूद एंट्री न होने से वेतन से वंचित कर्मचारियों की समस्या पर भी निर्णय लेते हुए प्रबंधन ने मैन्युअल एंट्री के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
कुल मिलाकर, बैठक में लिए गए निर्णयों से कोल उद्योग के कामगारों के हितों को मजबूती मिलने और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठने की उम्मीद जताई जा रही है।


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