सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिश्रामपुर, 13 फरवरी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिश्रामपुर स्टेशन में रेल प्रबंधन द्वारा निर्माणाधीन रैक प्वाइंट में पिछले दो-ढाई महीने से गुड्स लोडिंग अनलोडिंग का कार्य शुरू कर देने से परिवहनकर्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। वर्तमान में रेल प्रबंधन द्वारा स्टेशन यार्ड के लाइन संख्या 4 पर रैक प्लेसमेंट किए जाने से उत्पन्न समस्याओं को लेकर परिवहनकर्ताओं एवं संबंधित पक्षों ने मुख्य स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में वर्तमान व्यवस्था को आर्थिक, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर बताया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जब लाइन संख्या 1 खाली उपलब्ध रहती है, तब भी मालगाड़ी को लाइन संख्या 4 पर खड़ा किया जा रहा है। इससे कार्य प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों को अनावश्यक जोखिम उठाना पड़ रहा है।
बताया गया कि लाइन संख्या 4 तक पहुंचने का मार्ग कची सडक़ अंबेडकर चौक के पास से होकर गुजरता है, जहां रेलवे फाटक प्रतिदिन लगभग 15 बार बंद होता है। इसके कारण वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और परिवहन कार्य में विलंब होता है। इससे वैगन क्लियरेंस में देरी होने के साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
परिवहनकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि लाइन संख्या 4 तक पहुंचने के लिए तीन रेलवे लाइनों को पार करना पड़ता है, जो अत्यंत जोखिमपूर्ण है और कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है। वहीं इस लाइन पर न तो पल्लेदारों सहित कर्मियों के लिए जल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था है और न ही छाया (शेड) की सुविधा उपलब्ध है। पानी पीने या भोजन करने के लिए बार-बार मेन लाइन को पार कर जाना पड़ता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा लाइन संख्या 4 तक जाने वाला मार्ग ऊबड़-खाबड़ और कच्चा बताया गया है। ट्रकों के आवागमन से उडऩे वाली धूल से कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि जब लाइन संख्या 1 उपलब्ध हो तो भरे हुए वैगनों को उसी पर प्लेस किया जाए, ताकि कार्य सुरक्षित, सुचारू और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके। कर्मचारियों ने रेलवे प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा जताई है।बता दें कि रेल प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त कमाई के चक्कर में बिश्रामपुर स्टेशन के सामने दूसरे क्षोर में एसईसीएल के लीज एरिया में जबरन रैक प्वाइंट बना दिया गया है उक्त रैक प्वाइंट जो पहले के रैक प्वाइंट के मरम्मत कार्य के दौरान विकल्प के रूप में तैयार किया था जिसे अब वह अब नियमित और मनमानी तरीके से उपयोग कर रहा है।
बिना पक्की पिचिंग किए और बिना सडक़ और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराए बगैर मनमानी तरीके से रैक प्वाइंट को शुरू करा देने से रैक लोडिंग अनलोडिंग समेत वाहनों के आवाजाही से उडऩे वाले धूल से पूरा स्टेशन परिसर रेलवे कॉलोनी सहित आसपास का इलाका दिन भर धूल के गुब्बार से सना रहता है।
रेल प्रबंधन के इस मनमानी रवैए के खिलाफ रेलवे कॉलोनी ,स्टेशन मोहल्ला उद्वेलित है और जल्द ही रेल प्रबंधन के खिलाफ लोग सडक़ पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।


