सूरजपुर

राष्ट्रव्यापी हड़ताल का कोयला खदानों में आंशिक असर
12-Feb-2026 10:00 PM
राष्ट्रव्यापी हड़ताल का कोयला खदानों में आंशिक असर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर, 12 फरवरी। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए चार लेबर कोड के विरोध में श्रम संगठनों द्वारा 12 फरवरी को आहुत राष्ट्रव्यापी हड़ताल का बिश्रामपुर एवं भटगांव क्षेत्र की कोयला खदानों में आंशिक असर देखने को मिला। दोनों क्षेत्रों में नियमित कर्मचारियों की उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में कम रही, जबकि आउटसोर्सिंग से संचालित अधिकांश खदानों में उत्पादन सामान्य रूप से जारी रहा।

पहली पाली में उत्पादन और डिस्पैच पर कुछ प्रभाव दिखाई दिया, लेकिन दोपहर बाद दूसरी पाली में स्थिति काफी हद तक सामान्य हो गई। प्रबंधन के अनुसार दैनिक उत्पादन लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा, हालांकि डिस्पैच आंशिक रूप से प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।

वर्तमान में बिश्रामपुर क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 12 हजार टन तथा भटगांव क्षेत्र से 15 हजार टन या उससे अधिक कोयला उत्पादन किया जा रहा है। हड़ताल का वास्तविक और अंतिम आंकड़ा रात्रि पाली के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

उल्लेखनीय है कि इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बीएमएस को छोडक़र कोयला उद्योग की अन्य चार प्रमुख यूनियन—एचएमएस, एटक, इंटक और सीटू—शामिल रहीं।

वहीं बीएमएस ने स्वयं को हड़ताल से अलग रखा। भटगांव क्षेत्र में हड़ताल में शामिल कुछ यूनियनों के क्षेत्रीय एवं यूनिट पदाधिकारियों के ड्यूटी पर देखे जाने की चर्चा दिनभर होती रही।


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