सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 2 फरवरी। तीस टन सरिया गबन मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन आरोपी को गिरफ्तार किया है।
बीस दिवस पूर्व नयनपुर निवासी अमित पाण्डेय द्वारा थाना सूरजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनकी कंपनी यू.बी. वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लॉट नयनपुर से ट्रक क्रमांक यूपी 61 ए टी 2832 में लगभग 30 टन 160 किलो सरिया (छड़) लोड कर चालक राहुल सिंह यादव को भदौही (उत्तरप्रदेश) के लिए रवाना किया गया था। आरोप है कि चालक ने बेईमानीपूर्वक अमानत में खयानत करते हुए लगभग 15 लाख 23 हजार 908 रुपये मूल्य का सरिया गायब कर दिया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर कोतवाली सूरजपुर में अपराध पंजीबद्ध किया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन एवं एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में थाना सूरजपुर पुलिस द्वारा लगातार पतासाजी की गई।
जांच के दौरान उत्तरप्रदेश के जिला चित्रकूट अंतर्गत भरतकूप थाना क्षेत्र से ट्रक क्रमांक यूपी 61 एटी 2832 को बरामद किया गया। वाहन स्वामी को दिए गए आरोपी के आधार कार्ड एवं ड्राइविंग लाइसेंस की तस्दीक कराए जाने पर दोनों दस्तावेज कूटरचित (फर्जी) पाए गए।
विवेचना के दौरान छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न टोल प्लाजा, सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लगातार ट्रैकिंग की गई। प्राप्त इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने बरगवां, जिला सिंगरौली (मध्यप्रदेश) में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी का असली नाम मनीष यादव म.प्र.पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी सूरज सोनी एवं अन्य के साथ मिलकर लोड सरिया को सतना ले जाकर मनीष सिंह परिहार को 12 लाख रुपये में बेच दिया। प्राप्त रकम से सेकेंड हैंड ट्रक एवं मोबाइल खरीदे गए।
इसके बाद पुलिस ने सूरज सोनी तथा मनीष सिंह परिहार दोनों निवासी जिला सतना म.प्र.को भी गिरफ्तार किया।
सूरज सोनी ने स्वीकार किया कि उसने प्राप्त राशि से अपने ट्रक सीजी 22 एजी 7678 की किस्त जमा की, वहीं मनीष सिंह परिहार ने 12 लाख रुपये में सरिया खरीदकर उसका उपयोग करना स्वीकार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने—ट्रक क्रमांक सीजी 06 जी एक्स9288 (कीमत लगभग 40 लाख रुपये), ट्रक क्रमांक सीजी 22 एजी 7678 (कीमत लगभग 65 लाख रुपये), मूल एवं फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वाहन विक्रयनामा दस्तावेज, घटना में प्रयुक्त 3 मोबाइल फोन जब्त किए। तीनों आरोपियों गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया।


