सूरजपुर

सेमरा खुर्द में हिंदू महासम्मेलन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का संदेश
16-Jan-2026 8:22 PM
सेमरा खुर्द में हिंदू महासम्मेलन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का संदेश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

प्रतापपुर, 16 जनवरी। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के चंदौरा मंडल अंतर्गत ग्राम सेमरा खुर्द में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हिंदू महासम्मेलन का आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता और प्रभु श्रीराम दरबार के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ की गई। इस अवसर पर गोड़ समाज के प्रमुख एवं पूर्व सरपंच विफल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में सिद्धिविनायक पांडेय (बाल कार्य प्रमुख, छत्तीसगढ़ प्रांत) शामिल हुए। गायत्री परिवार की ओर से पूजा मिश्रा ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकुमार राजवाड़े ने की।

सम्मेलन में पारंपरिक लोकनृत्य सैला, सुआ और करमा की प्रस्तुतियां दी गईं। इसके साथ ही नशा मुक्ति अभियान से संबंधित एक नाट्य प्रस्तुति भी आयोजित की गई। इस प्रस्तुति में रामराज नापित, श्यामलाल रवि और उनकी टीम ने भाग लिया। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से नशे के सामाजिक प्रभावों पर जानकारी दी गई।

मुख्य वक्ता सिद्धिविनायक पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज सनातन परंपराओं से जुड़ा हुआ है और प्रकृति संरक्षण को महत्व देता रहा है। उन्होंने समाज में एकजुटता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया तथा पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और स्वदेशी जीवनशैली अपनाने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित ‘पंच परिवर्तन’ अभियान की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और स्व-आधारित जीवन से जुड़े विषयों पर समाज को जागरूक किया जा रहा है।

सम्मेलन में सर्व हिंदू समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। आयोजन समिति में गौतम राजवाड़े, राजेंद्र यादव, दीपेश तिवारी, नदेश्वर यादव, नीलकंठ यादव, परमेश्वर राजवाड़े, रमेन्द्र मंडल, भूपेश देवांगन, सतीश यादव और कपिल राजवाड़े सहित अन्य लोग शामिल रहे।

इसके अलावा जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती की गई और सामूहिक रूप से प्रसाद वितरण किया गया।


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