सूरजपुर
प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल
प्रतापपुर, 3 जनवरी। सूरजपुर जिले में गन्ना परिवहन और गुड़ (खंडसारी) फैक्ट्रियों के संचालन को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर सूरजपुर एस. जयवर्धन द्वारा जारी निर्देशों के बावजूद गन्ना परिवहन और कुछ गुड़ फैक्ट्रियों के संचालन से संबंधित शिकायतें सामने आ रही हैं।
प्रशासन द्वारा गठित एक विशेष टीम के निरीक्षण के दौरान हाल ही में एक वाहन को रोका गया। पूछताछ में वाहन चालक ने गन्ना को कोलकाता ले जाने की जानकारी दी। जांच के दौरान वाहन से संबंधित वैध परिवहन दस्तावेज और मंडी शुल्क भुगतान से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद संबंधित वाहन को शक्कर कारखाना परिसर में जब्त किया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इससे पहले भी कल्याणपुर क्षेत्र में एसडीएम स्तर पर कार्रवाई की गई थी।
सूत्रों का कहना है कि गन्ना परिवहन और गुड़ इकाइयों से जुड़े मामलों में कार्रवाई को लेकर विभिन्न स्तरों पर दबाव की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इस संबंध में प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इधर, सूरजपुर से लगे बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भी दर्जनों अवैध गुड़ फैक्ट्रियों के संचालन को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। प्रशासन द्वारा खंडसारी उद्योगों से 31 दिसंबर तक वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, कुछ उद्योगों के पास लाइसेंस और पर्यावरण स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए हैं। इन मामलों में आगे की कार्रवाई प्रक्रियाधीन बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर किसानों और युवाओं से जुड़े संगठनों का कहना है कि गन्ना मूल्य और रोजगार के मुद्दों पर प्रशासन को स्पष्ट नीति के साथ हस्तक्षेप करना चाहिए। कुछ विशेषज्ञों का मत है कि यदि वैध उद्योगों और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाए, तो रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और अवैध गतिविधियों पर भी नियंत्रण संभव है।
इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई जारी होने की बात कही जा रही है।


